बिहार(वैशाली)जनसंख्या स्थिरीकरण के लिए एक महीने में विभाग कर रहा दो पखवाड़े का आयोजन 

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जनसंख्या स्थिरीकरण के लिए एक महीने में विभाग कर रहा दो पखवाड़े का आयोजन

–  जिला एवं प्रखंड स्तर पर 11 जुलाई को लगेगा स्वास्थ्य मेला
– 1300 बंध्याकरण और 100 नसबंदी का रखा गया लक्ष्य

वैशाली, 28 जून ।
विश्व जनसंख्या दिवस पर प्रत्येक योग्य दंपत्ति तक पहुंच और वैशाली जिले के जनसंख्या स्थिरीकरण के सपने को साकार करने के लिए जुलाई माह में दो पखवाड़े का आयोजन किया जाएगा। इसमें 27 जून से 10 जुलाई तक दम्पति संपंर्क पखवाड़ा तथा 11 से 31 जुलाई तक परिवार नियोजन सेवा पखवाड़ा का आयोजन किया जाएगा। डीसीएम निभा कुमारी सिन्हा ने बताया कि दंपत्ति संपर्क और परिवार नियोजन पखवाड़ा मनाने के अलावा पूरे जिले में जनसंख्या स्थिरीकरण के प्रति जागरूकता उत्पन्न  करना, परिवार नियोजन कार्यक्रम अंतर्गत उपलब्ध सेवाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाना तथा योग्य दंपत्तियों को इच्छित सेवा प्रदान की जाएगी। इस कार्य के लिए अन्य विभागों से भी समन्वय किया जा रहा है। वहीं आम जन में जागरूकता लाने के लिए 6 जुलाई से 10 जुलाई तक सारथी रथ के द्वारा फ्लेक्स, पोस्टर, बैनर तथा हैंड बिल के द्वारा लोगों को जागरूक किया जाएगा। इसके लिए 25925 फैमिली प्लानिंग के हैंड बिल  2140 आशा के बीच वितरित किए गए हैं।

27  जून से 10 जुलाई तक दंपत्ति संपर्क पखवाड़ा-
डीसीएम ने कहा कि इस पखवाड़े में योग्य दंपत्तियों से एएनएम या आशा प्री रजिस्ट्रेशन प्रपत्र में इच्छित सेवा की जानकारी लेकर उन्हें वांछित सेवा उपलब्ध कराएंगी। प्रचार प्रसार के दौरान सही उम्र में शादी, कम से कम दो साल के बाद पहला बच्चा, दो बच्चों में कम से कम तीन साल का अंतर, प्रसव के बाद परिवार नियोजन के स्थायी और अस्थायी उपाय, परिवार नियोजन ऑपरेशन में पुरुषों की भागीदारी पर जोर दिया जाना है। साथ ही परिवार कल्याण कार्यक्रम के अतर्गत उपलब्ध अस्थायी एवं स्थायी उपायों के बारे में आमजन को जानकारी दी जाय। आमजन में लीफलेट का उपयोग करते हुए परामर्श भी दिया जाएगा। इनके इस कार्य में नेहरू युवा केंद्र, पल्स पोलियो तथा नियमित टीकाकरण के वोलिंटियर्स से भी सहायता ली जाएगी।

11 से 31 जुलाई तक परिवार नियोजन पखवाड़े का आयोजन –
डीसीएम निभा कुमारी सिन्हा ने कहा कि 11 जुलाई  को जिला एवं प्रखंड स्तर पर स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया जाएगा। वहीं  इस पखवाड़े के दौरान जिला अस्पताल, रेफरल अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में परिवार कल्याण ऑपरेशन हेतु ओटी तैयार रहेंगे। फर्स्ट रेफरल यूनिट में नसबंदी शिविर का आयोजन नजदीकी सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से समन्वय स्थापित करते हुए किया जाएगा। राज्य स्वास्थ्य समिति द्वारा जिले को 1300 महिला बंध्याकरण तथा 100 पुरुष नसबंदी कराने का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। वहीं परिवार नियोजन के अस्थायी साधन की भी प्राप्ति हुई है।

इन पर रहेगा विशेष ध्यान –
निभा कुमारी सिन्हा ने कहा कि पूरे परिवार नियोजन सेवा पखवाड़े के दौरान विशेष रूप से कॉपर टी, गर्भनिरोधक सूई, बंध्याकरण एवं नसबंदी की सेवा प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। मालूम हो कि संस्थागत प्रसव पश्चात लगभग 60 प्रतिशत दंपंत्तियों एवं सुरक्षित गर्भपात पश्चात लगभग 90 प्रतिशत दम्पत्तियों में परिवार नियोजन हेतु उपाय की मांग है। प्रसव के बाद बंध्याकरण एवं कॉपर टी पर विशेष रूप  से ध्यान देते हुए लेबर रूम में परिवार कल्याण परामर्शी, एएनएम एवं स्टॉफ नर्स के माध्यम से प्रसव एवं गर्भपात हेतु आए योग्य एवं इच्छुक महिलाओं को उत्प्रेरित करते हुए सुविधा प्रदान की जाएगी।

रिपोर्ट नसीम रब्बानी/बिहार स्टेट हेड

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