बिहार(सीतामढ़ी)पक्का मकान नहीं होने के कारण इन्द्रजीत का परिवार आया कालाजार की चपेट में, स्वास्थ्य विभाग की त्वरित जांच और उपचार से सभी हुए स्वस्थ

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काश, होता एक पक्का घर अपना

– पक्का मकान नहीं होने के कारण इन्द्रजीत का परिवार आया कालाजार की चपेट में, स्वास्थ्य विभाग की त्वरित जांच और उपचार से सभी हुए स्वस्थ

सीतामढ़ी, 29 जून।

सरकार के आवास योजना का लाभ यदि सही व्यक्ति को मिल जाय तो जिले में शून्य कालाजार के लक्ष्य को पूरा कर लिया जाएगा। मिट्टी के टूटे-फूटे घर और उसके दरारों में छुपे कालाजार के वाहक बालू मक्खी शून्य कालाजार के लक्ष्य में बड़ी रुकावट है। यह बातें जिला भीबीडी नियंत्रण पदधिकारी डॉ. रविन्द्र कुमार यादव ने कही। उन्होंने बताया कि कुम्हरा विशनपुर स्थित मंडल टोला के इन्द्रजीत मंडल इसके उदाहरण हैं। इंद्रजीत आवास न मिल पाने के कारण फूस और टाट के घर में पत्नी एवं अपने बच्चों के साथ रहने को मजबूर हैं। एक ओर चूल्हा है तो दूसरी ओर जलावन और उससे सटे ही बिछावन। ऐसे में इन्द्रजीत और उसके पुत्र और पुत्री तीनों 2021 में कालाजार की चपेट में  आ गये। कालाजार की चपेट में आ जाने के कारण स्वास्थ्य विभाग की त्वरित जांच और उपचार से वे सभी स्वस्थ हो गये। उन्हें मुख्यमंत्री कालाजार राहत योजना के तहत 6600 एवं भारत सरकार के 500 की दर से 21000 की श्रम क्षतिपूर्ति भी दी गई। परन्तु आज भी इन्द्रजीत और उनके बच्चो की आँखों में साफ दिखता है, एक सपना, काश होता एक पक्का घर अपना।

20 कालाजार प्रभावित गांव के 27683 घरों में छिड़काव जारी-

जिला भीबीडी नियंत्रण पदधिकारी डॉ. रविन्द्र कुमार यादव ने कहा कि कालाजार उन्मूलन के लक्ष्य को जिले में वर्ष 2018 में ही प्राप्त कर लिया गया और अब जिले में हम शून्य कालाजार की ओर बढ़ रहे हैं। इसके लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। अभी सिंथेटिक पायरोथायराइड छिड़काव कार्य चल रहा है।  विभागीय निर्देशानुसार जिले के अति  प्रभावित सुरसंड, बाजपट्टी, डुमरा, नानपुर, बोखरा, रुन्नीसैदपुर, रीगा एवं सुप्पी प्रखंड के 20 कालाजार प्रभावित गांव के 27683 घरों में छिड़काव किया जा रहा है। इसके लिए कार्य योजना तैयार की गई है। कार्य योजना के अनुसार 39 दलों द्वारा 15 जुलाई तक छिड़काव कार्य पूरा किया जाएगा।

जमीन से 6 फीट की ऊंचाई तक छिड़काव-

डॉ. रविन्द्र कुमार यादव ने कहा कि छिड़काव कर्मियों को घर तथा गौशाला में जमीन से 6 फीट की ऊंचाई तक छिड़काव का निर्देश दिया गया है। साथ ही सभी संबंधित क्षेत्र की आशा को छिड़काव के एक दिन पूर्व गृहस्वामी को छिड़काव कि जानकारी देने का निर्देश दिया गया। पंचायत के मुखिया, वार्ड सदस्य आदि प्रतिनिधियों से संपर्क स्थापित कर शत प्रतिशत छिड़काव किया जा रहा।

रिपोर्ट नसीम रब्बानी, बिहार स्टेट हेड

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