दिल्ली में बढ़ रहा मौतों का आंकड़ा, लग रही श्मशान घाटों पर लंबी कतार, अब 24 घंटे चलेंगे श्मशान घाट!

दिल्ली नगर निगम ने रात्रि में भी दाह संस्कार करने और दफनाने के लिए अनुमति दे दी हैं.  (File Photo)

दिल्ली नगर निगम ने रात्रि में भी दाह संस्कार करने और दफनाने के लिए अनुमति दे दी हैं. (File Photo)

पूर्वी दिल्ली नगर निगम द्वारा कडकड़डूमा स्थित श्मशान घाट को 19 अप्रैल से 24 घंटे के लिए फंक्शनल कर दिया जायेगा. घाट में 10 पुराने फायर के साथ 2 सीएनजी फायर पायर्स 19 अप्रेल से शुरू कर दिये जायेंगे. गाजीपुर श्मशान घाट में 30 अप्रैल से 5 सीएनजी पायर्स शुरू किये जाएंगे. EDMC के अधीन तीनों श्मशान घाटों में 35 पायर्स कोरोना मृतकों के लिए संरक्षित किए गये है.

नई दिल्ली. दिल्ली में कोरोना (Corona) संक्रमण के बढ़ते मामलों से हालात बेकाबू होते जा रहे हैं. सबसे  बड़ी चिंता की बात यह है कि अब मौतों का आंकड़ा भी हर रोज तेजी से बढ़ने लगा है. शुक्रवार को भी दिल्ली में कोरोना संक्रमण से 141 मौतें हुई थी जिससे अब मौतों का आंकड़ा बढ़कर 11,793 हो गया है. लगातार हो रही मौतों से मृत्यु दर भी 1.47 फीसदी हो गई है.

दिल्ली में बढ़ते मौतों के आंकड़ों के चलते अब श्मशान घाटों (Cremation Ground) पर भी शवों की लाइन लगने लगी है. लंबी लाइनों के लगने के चलते अब दिल्ली नगर निगम (MCD) ने रात्रि में भी दाह संस्कार करने और दफनाने के लिए रात्रि में भी श्मशान घाटों का संचालन करने की अनुमति दे दी हैं.

साथ ही मौजूदा श्मशान घाटों पर उनकी संख्या को बढ़ाने और कोविड मृतकों (Covid Deaths) के संस्कार करने के लिए अलग से इंतजाम किए हैं. पूर्वी दिल्ली नगर निगम (East MCD) की ओर से शाहदरा नॉर्थ और शाहदरा साउथ जोन में संचालित किए जा रहे श्मशान घाट और कब्रिस्तानों को लेकर नये आदेश दिये गए हैं.

ईडीएमसी ने श्मशान घाटों पर बढ़ाए प्लेटफार्मईस्ट दिल्ली मेयर निर्मल जैन ने बताया कि पूर्वी दिल्ली नगर निगम द्वारा कडकड़डूमा स्थित श्मशान घाट को 19 अप्रैल से 24 घंटे के लिए फंक्शनल कर दिया जायेगा.
उन्होंने बताया कि कडकड़डूमा श्मशान घाट में 10 पुराने फायर के साथ 2 सीएनजी फायर पायर्स 19 अप्रेल से शुरू कर दिये जायेंगे. वहीं गाजीपुर श्मशान घाट में 30 अप्रैल से 5 सीएनजी पायर्स शुरू किया जायेगाा. जैन ने बताया कि पूर्वी निगम के अधीन तीनों श्मशान घाटों में 35 पायर्स कोरोना मृतकों के लिए संरक्षित किए गये है. मुस्लिम और ईसाई समुदाय के कोरोना मृतकों को भी कब्रिस्तानों (Cemetry) में दफनाने के लिए पर्याप्त जगह है.

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