झारखंड मेदिनीनगर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकारिणी सदस्य सूर्यपत सिंह ने दलितों के भूमि पर अवैध कब्जे का किया विरोध

मेदिनीनगर
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य कार्यकारिणी सदस्य सूर्यपत सिंह एवं जिला पलामू सचिव रुचिर कुमार तिवारी ने बयान प्रसारित कर पाकी अंचल के अंचल पदाधिकारी पर पूर्व जमीदार परिवार से मेल में आकर दलितों की भूमि पर अवैध कब्जा जमाने का प्रयास करने एवं विरोध करने पर दलितों को पिटवाने की कार्रवाई करने का आरोप लगाया है। पांकी अंचल के ग्राम करार टोला नादगाद के खाता नंबर 370 रामजीवन भूमिया के नाम पर पिछले सर्वे में खतियानी रैयती दर्ज है जिसे सर्वे रैयत के बंशज जोत कोड़ करते आ रहे हैं। उक्त भूमि का पूर्व जमीदार ने अपने नाम पर डिमांड खुलवा लिया था जिसके खिलाफ में सर्वे रैयत के बंसज अदालत में मुकदमा लड़ रहा है जो अभी लंबित है। इसी बीच पूर्व जमींदार परिवार अंचल पदाधिकारी को मेल में लेकर दलितों की भूमि पर कब्जा करने के नियत से भूमि का नापी कराने का आवेदन दिया जिस पर अंचल पदाधिकारी ने दलितों की बात नहीं सुन कर एक तरफा पूर्व जमीदार के मेल में भूमि का माफी कराने के लिए आदेश निर्गत कर दिया और पुलिस फोर्स लेकर कर्मचारी एवं अमीन को माफी कराने के लिए भेज दिया जिसका दलितों ने विरोध किया इस पर आज पुलिस के उपस्थिति में पूर्व जमीदार के गुंडों ने दलितों को गाली गलौज करते हुए मारपीट किया जिसका पूर्ण दोषवार अंचल पदाधिकारी ही है। इस घटना से पूर्व आज ही भाजपा के जिला सचिव रुचिर कुमार तिवारी ने उपायुक्त पलामू को पत्र देकर अंचल पदाधिकारी पांकी के माफी के नाम पर दलितों की भूमि पर पूर्व जमीदार के लोगों को कबजा दिलवाने की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की है। श्री तिवारी ने अंचल पदाधिकारी से व्यक्तिगत संपर्क कर मोबाइल के माध्यम से अभी वर्तमान कोरोना महामारी की भयानक दौर में भूमिका मापी स्थगित करने की मांग की थी परंतु अंचल पदाधिकारी ने इनकी आग्रह को अनदेखी कर आपदा में अवसर तलाशने का काम किया और पूर्व जमीदार परिवार से मेल में अवसर तलाशा। राज्य एवं केंद्र सरकार आम जनता को बार-बार आगाह करती है कि कोरोना से बचने के लिए मास्क एवं 2 गज की दूरीजरूरी । और अंचल पदाधिकारी की हरकत से गांव में भीड़ जमा करा दिया जिसका पूर्णता दोषी अंचल पदाधिकारी है। भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी कि पलामू जिला परिषद उपायुक्त पलामू एवं राज्य सरकार से ऐसे अंचल पदाधिकारी जिनके करवाई से कोरोना फैलने का डर हो और जो इसी में अपना अवसर तलाशा और दलितों को पिटवाया पर अन्य जमींदार के गुंडों पर अपराधिक एवं महामारी के तहत मुकदमा किया जाए एवं राज्य सरकार इन्हें निलंबित करें। भाकपा साथ ही मांग करती है कि दलितों के साथ मारपीट करने वाले पर एसटी एससी एवं विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए एवं जब तक व्यवहार न्यायालय तथा ऊपरी राजस्व अदालत में मुकदमा लंबित है तब तक भूमि माफी का निम्न अदालत के द्वारा किए जा रहे करवाई को रद्द किया जाए।

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