उन्नाव बुद्ध पूर्णिमा पर हुई चिंतनपरक विचार गोष्ठी का आयोजन

बुद्ध पूर्णिमा पर हुई चिंतनपरक विचार गोष्ठी

उन्नाव । बौद्ध दर्शन के प्रवर्तक दुनिया को शांति का सन्देश देने वाले गौतमबुध के जीवन दर्शन पर विस्तार से चर्चा करने के लिये एक साहित्यकारों की ऑनलाइन विचार गोष्ठी का आयोजन उन्नाव की डिजिटल साहित्यिक संस्था काव्यायन द्वारा आयोजित की गई। गोष्ठी में साहित्यकारों ने गौतमबुद्ध के जीवनदर्शन से प्रेरणा लेकर उसे अपने जीवन मे आत्मसात करने की ओर बल दिया तथा अपनी रचनाओं से नमन भी किया। गोष्ठी में उन्नाव से डाँ मान सिंह ने पढ़ा सत्य अहिंसा से किया तन मन वाणी शुद्ध
दुनिया उनको पूजती कहे महात्मा बुद्ध वही गोष्ठी में उपस्थित लखनऊ से डॉ नीलम रावत जी ने आत्मा का आईना तो शुद्व होना चाहिए वासनाओं के विरुद्ध युद्ध होना चाहिए दाढ़ियाँ लम्बी या चोला श्वेत हों चाहे न हों मन वचन कर्मों से मानव बुद्ध होना चाहिए।
पढ़कर गौतम बुद्ध की तरह मन वचन और कर्म से शुद्ध होने की बात कही।वही गोष्ठी में उपस्थित वरिष्ठ साहित्यकार डॉ सुमन सुरभि लखनऊ ने दार्शनिक दोहा पढ़कर बुद्ध की तरह मन वचन और कर्म से शुद्व रहने की बात कही निर्विकार जब हो ह्रदय, तब मन होता शुद्ध सत्य बोध जब जागता जीव बने तब बुद्ध ।वही बुद्ध को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए नीतू यादव ने पढा दिया जगत को ज्ञान का गौरव जय जय जय हो बुद्ध महान ।
वही युवा साहित्यकार फतेहपुर से नीलेश निडर ने पढ़ा विश्व के विजेता जी अशोक रक्त पात देख त्याग युद्ध बुद्ध की शरण चले जाते है। बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर हुई इस दार्शनिक चिंतनपरक गोष्ठी में शायद शिव शरण बन्धु फतेहपुर चंद्रपाल सिंह निरंकुश जयपुर सन्नी पटेल प्रमोद सिंह अंसुमान पटेल दीपा पटेल निशा सिंह सुभेन्द्र सिंह उमाशंकर यादव चन्द्र भान रघुराज सिंह मगन आदि लोग उपस्थित हुए। अंत मे संचालक एडवोकेट बाबू सिंह ने सभी का आभार ब्यक्त किया ।

तहलका न्यूज ब्युरो प्रमोद सिंह की रिपोर्ट,

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