बलरामपुर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में नाविकों एवं गोताखोरों का प्रशिक्षण हुआ सम्पन्न

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*जिलाधिकारी की अध्यक्षता में नाविकों एवं गोताखोर का प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न*

*नाविक एवं गोताखोरों ने सीखे बाढ़ के दौरान जान-माल के बचाव एवं सुरक्षा के गुण*
बलरामपुर- दिनांक 18 जून 2021
जिला आपदा प्रबंध प्राधिकरण के तत्वावधान में कलेक्ट्रेट सभागार म को नाविकों व गोताखोरों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। राज्य आपदा मोचक बल (एस0डी0आर0एफ0) की टीम ने नाविकों व गोताखोरों को बाढ़ के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में बताया।
कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी श्रीमती श्रुति ने किया। उद्घाटन सत्र के दौरान पुलिस अधीक्षक श्री हेमन्त कुटियाल, अपर जिलाधिकारी श्री अरूण कुमार शुक्ल, अपर पुलिस अधीक्षक श्री अरविंद कुमार मिश्र, उप जिलाधिकारी बलरामपुर श्री अरूण कुमार गौड़, उतरौला उप जिलाधिकारी श्री नागेन्द्र नाथ यादव, श्री रोहित कुमार मौर्य, तहसीलदार तुलसीपुर के0जी0 त्रिपाठी, पुलिस उपाधीक्षक बलरामपुर व उतरौला मौजूद थेे। सर्व प्रथम आपदा प्रबंधन सलाहकार श्री सचिन मदान ने एस0डी0आर0एफ0 टीम के सदस्यों का परिचय कराया। एस0डी0आर0एफ0 प्लाटून कमाण्डेंट श्री श्याम बाबू ने कहा कि जागरूकता से व थोड़ी सावधानी बरत कर कई जानें बचाई जा सकती हैं। उन्होंने बताया कि किसी भी आपदा में सर्च एण्ड रेस्क्यू का कार्य एस0डी0आर0एफ0 करती है। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर 112 डायल करने पर उनके बल का सहयोग लिया जा सकता है। टीम के अन्य सदरू राहुल चैरसिया ने बताया कि हर वर्ष बाढ़ से उत्तर प्रदेश का लगभग 22 प्रतिशत क्षेत्रफल प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि बाढ़ से पूर्व कई तैयारियां करने की आवश्यकता होती है। उपस्थित लोगों को उन्होंने विभिन्न सामानों से राफ्ट बनाना सिखाया। एस0डी0आर0एफ0 सदस्यों द्वारा जेरीकेन, स्कूटर व मोटरसाईकिल के ट्यूब, थर्माकोल, बोतल आदि से रा राफ्ट बनाने का प्रदर्शन किया गया। लोगों को बताया गया कि डूबते हुए व्यक्ति को बचाते समय कई सावधानी न बरतने पर बचाने वाले की जान को भी खतरा हो सकता है। डूबते व्यक्ति की पकड़ से दूर रहकर तथा उसके पीछे से जाकर उसे बचाना चाहिए। रस्सी आदि फेंककर भी तैराक डूबते व्यक्ति को अपने से दूर रखकर बचा सकते हैं। उन्होंने कहा कि नाव में उसकी क्षमता से अधिक व्यक्ति बैठाने की गलती न करें। अपनी क्षमता को पहचान कर ही रेस्क्यू कार्य करना चाहिए। यदि आस पास और लोग हों तो उन्हें सहायता के लिए पुकारना चाहिए। स्थानीय गोताखोरों को भी सुरक्षित गोताखोरी के टिप्स दिए गए। इसके बाद टीम के सदस्य ऋ़षि कुमार ने प्राथमिक चिकित्सा व सी0पी0आर0 के बारे में जानकारी दी। उपस्थित लोगों को हड्डी टूटने, कटने, जलने, डूबने से शरीर में पानी घुसने की स्थिति में प्राथमिक उपचार के बारे में जानकारी दी गई। मरणासन्न व्यक्ति को सी0पी0आर0 देने की विधि के बारे में डमी के साथ जानकारी दी गई। टूटती सांसों को पसलियों पर पम्प करके व मुंह में हवा डालकर वापस लाया जा सकता है। समापन सत्र को सम्बोधित करते हुए आपदा प्रबंधन सलाहकार श्री सचिन मदान ने कहा कि वैसे तो नाविकों व गोताखोरों को अपने कार्य की बेहतर जानकारी है लेकिन एस0डी0आर0एफ0 द्वारा दी गई जानकारी से उनके ज्ञान में अवश्य वृद्धि होगी। उतरौला के उप जिलाधिकारी श्री नागेन्द्र नाथ यादव ने कहा कि प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारियों का पूरा लाभ सभी को लेना चाहिए। एस0डी0आर0एफ0 द्वारा बेहद प्रभावी ढंग से सभी जानकारियां दी गई हैं। मुझे पूर्ण विश्वास है कि इस प्रशिक्षण का लाभ जिलावासियों को जरूर मिलेगा। तहलका न्यूज़ अपडेट

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