उन्नाव जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर भाजपा प्रत्याशी शकुन सिंह ने कराई जीत दर्ज

प्रमोद सिंह ब्यूरो चीफ उन्नाव

लंबे समय बाद स्व अजीत सिंह के घराने मे वापस आयी सत्ता की बागडोर  यूपी न्नाव जनपद में सियासी उथलपुथल के बाद भाजपा प्रत्यासी की जीत के आकड़ो ने पुराने राजनीतिज्ञ पुरोधाओं के दांत खट्टे कर दिए, जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा से अधिकृत प्रत्यासी शकुन सिंह ने जीत दर्ज कराकर पुराने राजनीतिक घराने में वापसी की है, शकुन सिंह पूर्व स्व एमलसी अजीत सिंह की पत्नी है। भाजपा के बागी नेता अरुण सिंह हराकर शुकुन सिंह को 28 वोट, अरुण सिंह को 19 वोट, मालती रावत को 1 वोट ,3 वोट आनबैलिट मिले जिसके बाद शकुन सिंह में समर्थकों में खुशी की लहर दिखायी दी, भाजपा से टिकट कट जाने के बाद भी प्रत्यासी बनकर अरुण सिंह ने जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिये चुनाव लड़ा, गौरतलब हो अरुण सिंह के समर्थन में जनपद से बीजीपी के दो बड़े चेहरे भी शामिल हो गये, और जीत से पूर्व ही जीत का जश्न मनाते सोशल मीडिया पर नजर आये फिर भी चुनाव में सेकेंड रनर रहे अरुण सिंह के हाथ लगी हार, मीडिया से बातचीत में प्रत्यासी अरुण सिंह ने अपनी हार का दोष जिला प्रशासन पर मढ़ दिया। बता दे नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्ष के स्व० पति अजीत सिंह उत्तर प्रदेश के प्रभाव शाली नेता थे, लम्बे संघर्ष के बाद शकुन सिंह के सत्ता की बागडोर पुनः वापस आयी है।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्ष शकुन सिंह को दिया विजय प्रमाण पत्र।
जिला पंचायत सदस्य के 51 सदस्यों ने भयमुक्त रूप से स्वतंत्र होकर 11 बजे से 3 बजे तक समस्त 51 सदस्यों ने मतदान किया। पंचायत अध्यक्ष चुनाव मतदान, मतगणना राज्य निर्वाचन आयोग से नामित प्रेक्षक डॉ हरिओम की निगरानी में किया गया। जिला पंचायत अध्यक्ष का परिणाम 3 बजे के बाद जारी किया गया जिसमें शकुन सिंह के पक्ष में अधिक सदस्यों ने मत डालकर शकुन सिंह को विजयी बनाया जिसके बाद जिला निर्वाचन अधिकारी रवींद्र कुमार ने शकुन सिंह को जिला पंचायत अध्यक्ष का विजयी प्रमाण पत्र दिया।
डीएम ने जनपद में लागू की धारा 144 जिला मजिस्ट्रेट ने निर्देश दिये कोई भी जीत का जुलूस नहीं निकालेगा जनपद में धारा 144 लागू है अगर कोई जुलूस निकालते पाया जाता है तो उस पर दंडात्मक कानूनी कार्यवाही की जाएगी।

तहलका न्यूज ब्यूरो प्रमुख प्रमोद सिंह की रिपोर्ट।

Leave a Reply

%d bloggers like this: