फादर स्टेन स्वामी की न्यायिक हिरासत में निधन पर कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन

फादर स्टेन स्वामी की न्यायिक हिरासत में निधन

शशिकांत ओझा पलामू

न्याय, स्वतंत्रता, समता और मानव अधिकार की सुरक्षा के प्रति समर्पित 84 साल के फादर स्टेन स्वामी की न्यायिक हिरासत में निधन कोई सामान्य मौत नहीं है, बल्कि यह एक संस्थानिक हत्या है। यह कहते हुए विभिन्न सामाजिक राजनीतिक व जन संगठन के कार्यकर्ताओं ने पोस्टर प्रोटेस्ट निकाला। शनिवार को छहमुहान स्थित गोलंबर के समीप फादर स्टेन को न्याय के लिए पोस्टर लेकर कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। फादर की मौत के मामले में न्यायिक जांच की मांग करते हुए दोषियों पर को चिन्हित करने और उन पर कार्रवाई करने की मांग भी की गई। गौरतलब है कि यूएपीए कानून के तहत गिरफ्तार फादर स्टेन स्वामी की न्यायिक हिरासत में मौत के बाद देश भर से फादर को चाहने वाले और जनतंत्र में आस्था रखने वाले लोगों ने प्रतिरोध किया। पलामू में इप्टा, प्रगतिशील लेखक संघ, एआईएसएफ, आइसा, दिहाड़ी मजदूर यूनियन, अखिल भारतीय किसान सभा, भाकपा, माले, आंगनबाड़ी रसोईया संघ, जन संग्राम मोर्चा, नागरिक संघर्ष मोर्चा, झारखंड जनरल मजदूर यूनियन आदि जनसंगठन के प्रतिनिधियों ने कहा कि केंद्र सरकार जन अधिकारों और अभिव्यक्ति की हर उस आवाज को दबाने – कुचलने का काम कर रही है जो सत्ता से सवाल करती है। इसी का परिणाम फादर स्टेन की सांस्थानिक हत्या है।
आदिवासियों, दलितों और कमजोर वर्ग के हक व अधिकार और विस्थापन लड़ाई को जारी रखना यही फादर स्वामी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
पोस्टर प्रोटेस्ट में शैलेंद्र कुमार, उपेंद्र मिश्रा, राजीव कुमार, केडी सिंह, रुचिर तिवारी, रविन्द्र भुइयां, रवि पाल, गौतम कुमार, शब्बीर अहमद, प्रेम प्रकाश, सरफराज आलम, देवेंद्र प्रसाद, गीता कुमारी, अनीता देवी, मो जमालुद्दीन, ललन प्रजापति, मो दानिश, राजीव रंजन, शशि पाण्डेय, संजू ठाकुर, अजीत ठाकुर समेत अन्य लोग शामिल थे।

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