बलरामपुर जिले के नेपाल बार्डर से सटा हुआ जरवा रेलवे स्टेशन जो खंडर में तब्दील हो चुका है डीआरएम डॉक्टर मोनिका अग्निहोत्री ने किया निरीक्षण जरवा रेलवे स्टेशन फिर से आबाद होने की जगी आस

राजेश श्रीवास्तव रिपोर्टर

बलरामपुर गैसड़ी के अंतर्गत पूर्वोत्तर रेलवे गोंडा गोरखपुर के रूट पर जरवा रेलवे स्टेशन जो नेपाल सीमा से सटा हुआ है पिछले करीब 14 वर्षों से ट्रेनों का आवागमन बंद है रेलवे भवन एकदम खंडहर में तब्दील हो गया है रेल पटरी जंग की मार झेल रही है खिड़की, दरवाजे गायब हो चुके थे पेय जल के लिए निर्मित कुआं पट चुका है जिसकी खबर प्रकाशित किया जा चुका था कीमती रेलवे सामान गायब हालत मे देखे जा रहे थे सहित अन्य महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर स्थलीय निरीक्षण करने के लिए डीआरएम डा मोनिका अग्निहोत्री बुद्धवार करीब डेढ़ बजे जरवा स्टेशन पर पहुंचकर जरवा रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया उन्होंने कहा कि 22 अक्टूबर 2007 को रेल संचालन बन्द हुआ था तभी से ट्रेनों का संचालन बंद है । इसकी रिपोर्ट विभाग के उच्चाधिकारियों को दी जाएगी जरवा रूट की ट्रेन संचालन के सम्बन्ध मे इसारा करते हुए कहा कि रेल संचालन केन्द्र व राज्य सरकार की मांग पर संभव हो सकता है इस पर सरकार को निर्णय लेना है। जरवा रेलवे स्टेशन को चालू करने के लिए फिलहाल सरकार किसी तरह की सहमति प्रदान नही की है इसके लिए जनप्रतिनिधियों को आगे आना होगा। लोकसभा क्षेत्र श्रावस्ती के सांसद रामशिरोमणि वर्मा ने रेलवे संचालन के लिए सदन में प्रस्ताव रखने व लिखा पढ़ी करने के सम्बन्ध में डीआरएम डा मोनिका अग्निहोत्री को अवगत कराया और रेल संचालन कराने की मांग की / क्षेत्रवासी पूर्व ब्लाक प्रमुख हीरालाल यादव, महाराणा प्रताप जनजातीय सेवा संस्थान के अध्यक्ष मदनलाल जयसवाल, डॉ राम मनोहर लोहिया सेवा संस्थान क प्रबंधक रामपाल यादव , सन्तोष कुमार गुप्ता, विनोद कुमार यादव, शिवकुमार, धुर्ब यादव, घनश्याम यादव, शैलेन्द्र यादव, सहित क्षेत्र वासियों ने जरवा रेलवे स्टेशन को चालू करने की मांग की है /
गैसड़ी से राजेश श्रीवास्तव की रिपोर्ट

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