जिलहिज्जा का चांद नजर नहीं आया, 28 मई को मनाई जाएगी बकरीद
फुलवारी शरीफ, परवेज आलम।
इमारत ए शरिया के काजी अंजार आलम कासमी एवं खानकाह मुजीबिया के प्रबंधक हजरत मौलाना मिन्हाजुद्दीन कादरी मुजीबी ने संयुक्त रूप से ऐलान किया है कि रविवार को जिलहिज्जा 1447 हिजरी का चांद कहीं भी नजर नहीं आया. चांद दिखाई नहीं देने के कारण अब त्याग और कुर्बानी का महान पर्व ईद-उल-अजहा यानी बकरीद 28 मई, गुरुवार को मनाया जाएगा.
उलेमा ने बताया कि फुलवारी शरीफ सहित बिहार, झारखंड और उड़ीसा के विभिन्न इलाकों से चांद देखे जाने की कोई प्रमाणित सूचना प्राप्त नहीं हुई. इसके बाद शरीयत के अनुसार फैसला लेते हुए 19 मई, मंगलवार को जिलहिज्जा महीने की पहली तारीख मानी गई है. इसी आधार पर 28 मई को बकरीद की नमाज अदा की जाएगी.
उन्होंने कहा कि ईद-उल-अजहा त्याग, कुर्बानी, भाईचारा और इंसानियत का पर्व है. इस मौके पर लोगों से अमन, शांति और सौहार्द के साथ त्योहार मनाने की अपील की गई है. साथ ही जरूरतमंदों और गरीबों की मदद करने तथा आपसी भाईचारा बनाए रखने का संदेश भी दिया गया.
