आयुष चिकित्सकों को एईएस/जेई पर दिया गया विशेष प्रशिक्षण-

आयुष चिकित्सकों को एईएस/जेई पर दिया गया विशेष प्रशिक्षण-

गंभीर बीमारियों की शीघ्र पहचान, उपचार और रेफरल व्यवस्था पर जोर-एईएस/जेई के संदिग्ध मामलों की तत्काल रिपोर्टिंग पर बल-समय पर रेफरल से घटेगी मृत्यु दर और विकलांगतासीतामढ़ी। 23 मई जिला स्वास्थ्य समिति, सीतामढ़ी के सभागार में शनिवार को जिले के सभी आयुष चिकित्सकों के लिए एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) एवं जापानी इंसेफेलाइटिस (जेई) विषय पर एक दिवसीय विस्तृत प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सिविल सर्जन डॉ. अखिलेश कुमार ने की। कार्यक्रम का उद्घाटन सिविल सर्जन एवं जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।रोग की पहचान और “गोल्डन ऑवर” पर विशेष चर्चा:प्रशिक्षण के दौरान जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. आर. के. यादव ने दृश्यश्रव्य माध्यम से चिकित्सकों को एईएस एवं जेई की वर्तमान स्थिति, संक्रमण के कारण, लक्षण, बचाव एवं नियंत्रण उपायों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एईएस एक गंभीर बीमारी है, जिसमें मस्तिष्क में सूजन उत्पन्न हो जाती है। इसके प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, उल्टी, बेहोशी, दौरे पड़ना एवं मानसिक स्थिति में बदलाव शामिल हैं।उन्होंने कहा कि एईएस/जेई मामलों में “गोल्डन ऑवर” अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। यदि मरीज को शुरुआती लक्षण दिखाई देने पर तुरंत स्वास्थ्य संस्थान तक पहुंचाकर उपचार उपलब्ध कराया जाए तो मृत्यु एवं विकलांगता की संभावना को काफी हद तक कम किया जा सकता है।मच्छर नियंत्रण, टीकाकरण और जागरूकता पर बल:प्रशिक्षण में चिकित्सकों को जेई के संचरण चक्र, मच्छर नियंत्रण उपाय, संदिग्ध मरीजों की स्क्रीनिंग, केस मैनेजमेंट, रेफरल प्रोटोकॉल, आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली तथा टीकाकरण की भूमिका के बारे में विस्तार से बताया गया। साथ ही सामुदायिक जागरूकता एवं व्यवहार परिवर्तन संचार गतिविधियों को प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया।समुदाय को जागरूक करने की अपील:इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. अखिलेश कुमार ने कहा कि एईएस/जेई जैसी गंभीर बीमारियों की रोकथाम में चिकित्सकों की भूमिका बेहद अहम है। उन्होंने सभी आयुष चिकित्सकों से अपने-अपने क्षेत्र में लोगों को जागरूक करने, बच्चों में बुखार एवं न्यूरोलॉजिकल लक्षण दिखने पर तत्काल चिकित्सकीय सलाह देने तथा संदिग्ध मामलों की सूचना तुरंत स्वास्थ्य विभाग को देने की अपील की।कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम प्रबंधक असित रंजन, प्रिंस कुमार, आरिफ शेख़, पवन कुमार, रोहित कुमार, रजनीश कुमार, कमलेश कुमार सहित स्वास्थ्य विभाग के कई पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे। अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

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