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15 दिवसीय कालाजार रोगी खोज अभियान शुरू
- आशा कार्यकर्ता देंगी घर-घर दस्तक
- बालू मक्खी के काटने से होता है कालाजार
मोतिहारी, 04 जून
जिले के 22 प्रखंड व सदर सहित 88 गाँव में 102 आशा, 76 फैसिलिटेटर ने कालाजार मरीजों की खोज अभियान शुरु की। यह अभियान 19 जून तक चलेगा। अभियान के तहत आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर कालाजार मरीजों की खोज करेंगी। जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ शरत चंद्र शर्मा ने बताया कि कालाजार प्रभावित प्रखंडों में प्रतिवेदित कालाजार मरीजों के घर के 500 मीटर के परिधि में (200 से 250 घर) घर-घर जाकर वीएल/एचआईवी सहित पीकेडीएल रोगी की खोज जाएगी। क्षेत्र में अभियान की सफलता को लेकर प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।
हर पीएचसी पर मुफ्त जांच सुविधा उपलब्ध:
भीबीडीसीओ कंसलटेंट अभिषेक कुमार एवं भीडीसीओ धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि कालाजार संक्रमित मादा बालू मक्खी के काटने से होता है। हर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर कालाजार जांच की सुविधा उपलब्ध है। कालाजार की किट (आरके-39) से 10 से 15 मिनट के अंदर टेस्ट हो जाता है। हर सेंटर पर कालाजार के इलाज में विशेष रूप से प्रशिक्षित एमबीबीएस डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि कालाजार से पीड़ित रोगी को मुख्यमंत्री कालाजार राहत योजना के तहत श्रम क्षतिपूर्ति के रूप में पैसे भी दिए जाते हैं। बीमार व्यक्ति को 6600 रुपये राज्य सरकार की ओर से और 500 रुपए केंद्र सरकार की ओर से दिए जाते हैं। यह राशि वीएल (ब्लड रिलेटेड) कालाजार में रोगी को प्रदान की जाती है। वहीं चमड़ी से जुड़े कालाजार (पीकेडीएल) में 4000 रुपये की राशि केंद्र सरकार की ओर से दी जाती है।
ऐसे लक्षण वालों क़ो हो सकता है कालाजार, जाँच जरूर कराएँ:
•15 दिन से ज्यादा से बुखार हो
•जिन्हें भूख नहीं लगती हो, उदर बड़ा हो रहा हो
•जिनका वजन लगातार कम हो रहा हो
•शरीर काला पड़ रहा हो
- बुखार न हो पर शरीर पर दाग हो और पूर्व में कालाजार के रोगी रह चुके हों

