नवजात अदला-बदली कांड: डीएम वर्षा सिंह की सख़्त पहल, डॉक्टर-कर्मियों पर गिरी गाज
वैशाली जिले में नवजात शिशु की अदला-बदली से जुड़े अत्यंत गंभीर एवं संवेदनशील प्रकरण में जिला प्रशासन ने सख़्त रुख अपनाते हुए निर्णायक कार्रवाई की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए वर्षा सिंह, जिलाधिकारी, वैशाली के निर्देश पर तत्काल तीन-स्तरीय जांच समिति का गठन किया गया, जिसने सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर गहन जांच की।
जांच के दौरान ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों से विस्तृत पूछताछ की गई। पूछताछ में संतोषजनक और स्पष्ट जवाब नहीं मिलने के कारण प्रथम दृष्टया कर्तव्य में लापरवाही, उदासीनता एवं गंभीर प्रशासनिक चूक सामने आई। जांच प्रतिवेदन जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किए जाने के बाद मामले को अत्यंत गंभीर मानते हुए दोषियों के विरुद्ध त्वरित एवं कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित सात व्यक्तियों पर कार्रवाई की गई है। इसमें चिकित्सक डॉ. सीमा सिन्हा, डॉ. नीरज कुमार, डॉ. अजय लाल, श्रीमती अर्चना कुमारी, जी एन एम , श्री सुशील कुमार, शल्य कक्ष सहायक भी शामिल हैं, जिनका तात्कालिक प्रभाव से स्थानांतरण/प्रत्यायोजन किया गया है। वहीं, आउटसोर्सिंग के तहत कार्यरत 02 कर्मी अमोद कुमार एवं श्री आदित्य सिंह चंदेल की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। यह कार्रवाई सिविल सर्जन, वैशाली द्वारा जिलाधिकारी के अनुमोदन के उपरांत की गई।
जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने स्पष्ट कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आमजन का विश्वास सर्वोपरि है और भविष्य में इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। दोषियों के विरुद्ध शून्य-सहिष्णुता की नीति के तहत कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
