ब्लैकमेलिंग की भेंट चढ़ी एक नारी की अस्मिता।

ब्लैकमेलिंग की भेंट चढ़ी एक नारी की अस्मिता।

अपनी बेटी की शादी की खुशियों में डूबा था एक पिता… और उसी समय दूसरी की बेटी की जिंदगी ब्लैकमेलिंग से बर्बाद कर रहा था विनोद शंकर मिश्रा।

रांची, झारखंड।

रांची के खेलगांव थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक स्वाभिमानी महिला को उसकी मेहनत और ईमानदारी के बदले मिली सिर्फ मौत। एक ऐसी मौत, जिसका जिम्मेदार कोई और नहीं बल्कि ‘विश्वास’ के मुखौटे में छिपा एक दरिंदा है।”
​रांची के सैनिक कॉलोनी में किराए पर रहने वाली वीणा शर्मा, जो न केवल ओरिएण्टल कंपनी में कार्य करती थीं, बल्कि अपना ब्यूटी पार्लर चलाकर स्वाभिमान से जी रही थीं, आज हमारे बीच नहीं हैं। आरोप है कि विनोद शंकर मिश्रा नामक व्यक्ति ने, जो वीणा को अपनी ‘बेटी’ कहता था, उनके विश्वास का गला घोंटा है।
​आरोपी विनोद शंकर मिश्रा अपनी बहन प्रीति के मेकअप के बहाने वीणा के घर आता-जाता था।आरोप है कि इसी दौरान उसने वीणा का एक आपत्तिजनक वीडियो हिडन कैमरा लगा कर चोरी-छिपे बनाया। उस वीडियो के दम पर आरोपी लगातार वीणा को व्हाट्सएप और कॉल के जरिए ब्लैकमेल कर रहा था।
सामाजिक बदनामी और मानसिक तनाव से टूट चुकी वीणा ने आत्महत्या से ठीक पहले एक वीडियो बनाया, उसे आरोपी को भेजा और पंखे से लटककर अपनी जान दे दी।
​वीणा के परिजनों ने पुलिस प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। वीणा के मोबाइल से ब्लैकमेलिंग के व्हाट्सएप चैट और आत्महत्या से पहले रिकॉर्ड किया गया वीडियो साक्ष्य के रूप में मौजूद है। परिवार का सवाल सीधा है— “क्या एक मेहनतकश महिला को समाज में सर उठाकर जीने का हक नहीं था?”
“अब देखना यह है कि क्या रांची पुलिस इस डिजिटल साक्ष्य के आधार पर विनोद शंकर मिश्रा को सलाखों के पीछे कब भेजती है,कब वीणा को इंसाफ मिलेगा? रांची के खेल गाँव थाना मे विनोद शंकर मिश्रा के खिलाफ एफ आई आर दर्ज कर इस घटना मे सम्मलित और भी अपराधियों की तलाश मे जुट गई है

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