LEPCON 2026 का 33वां द्विवार्षिक राष्ट्रीय कुष्ठ रोग सम्मेलन सफलतापूर्वक आयोजित

LEPCON 2026 का 33वां द्विवार्षिक राष्ट्रीय कुष्ठ रोग सम्मेलन सफलतापूर्वक आयोजित
फुलवारी शरीफ परवेज आलम।
2 मार्च 2026, पटना
संकल्प से समाधान तक: LEPCON 2026 में गूंजा कुष्ठ-मुक्त भारत का स्वर
कुष्ठ रोग उन्मूलन की राष्ट्रीय मुहिम को नई ऊर्जा देते हुए एम्स पटना के त्वचा रोग विभाग ने इंडियन एसोसिएशन ऑफ लेप्रोलॉजिस्ट्स (IAL) के सहयोग से LEPCON 2026 का 33वां द्विवार्षिक राष्ट्रीय कुष्ठ रोग सम्मेलन सफलतापूर्वक आयोजित किया। तीन सौ से अधिक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की उपस्थिति ने एम्स पटना को कुछ दिनों के लिए कुष्ठ शोध, नीति और नवाचार का जीवंत केंद्र बना दिया।
27 फरवरी 2026 को आयोजित प्री कॉन्फ्रेंस कार्यशाला ने युवा चिकित्सकों को आधुनिक निदान तकनीकों, उपचार के नए आयामों और उन्मूलन कार्यक्रमों की जमीनी चुनौतियों से रूबरू कराया। इसके बाद दो दिनों तक एम्स पटना ऑडिटोरियम में ज्ञान का ऐसा प्रवाह देखने को मिला जहाँ 100 से अधिक शोध पत्र प्रस्तुत हुए और गंभीर वैज्ञानिक विमर्श के माध्यम से भविष्य की दिशा तय की गई।
दवा प्रतिरोध, विकलांगता रोकथाम, उभरती जांच तकनीक और जनस्वास्थ्य रणनीतियों पर हुई चर्चाओं ने यह स्पष्ट किया कि शोध और संवेदनशीलता का संगम ही उन्मूलन की राह प्रशस्त करेगा। 100 से अधिक स्नातकोत्तर छात्रों की सक्रिय भागीदारी और एम्स पटना के रेजिडेंट चिकित्सकों की पुरस्कृत प्रस्तुतियों ने सम्मेलन को नई ऊर्जा दी।
इस आयोजन का नेतृत्व विभागाध्यक्ष डॉ. स्वेतलिना प्रधान ने किया जबकि डॉ. अभिषेक कुमार झा (पीएमसीएच) और डॉ. विकास शंकर (एनएमसीएच) ने संगठनात्मक स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सम्मेलन में यूनाइटेड किंगडम और यूनाइटेड स्टेट्स के विशेषज्ञों सहित पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एडुकेशन एंड रिसर्च, चंडीगढ़ तथा प्रमुख शोध संस्थानों आईसीएमआर-राष्ट्रीय जलमा कुष्ठ एवं अन्य माइकोबैक्टीरियल रोग संस्थान, द लेप्रोसी मिशन ट्रस्ट इंडिया (भारत) और शिफेलिन स्वास्थ्य अनुसंधान संस्थान (करिगिरी, वेल्लोर) के वैज्ञानिकों ने भाग लेकर अपने शोध अनुभव साझा किए। विख्यात विशेषज्ञ डॉ. किरण कटोच का संबोधन विशेष आकर्षण रहा।
उद्घाटन समारोह में पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश संगम कुमार साहो मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ प्रो. (ब्रिग.) डॉ. राजू अग्रवाल तथा भारत सरकार के केंद्रीय कुष्ठ प्रभाग की अतिरिक्त महानिदेशक लिली गंगमेई की गरिमामयी उपस्थिति ने इस अभियान को संस्थागत मजबूती का संदेश दिया।
इस अवसर पर एडवर्स क्यूटेनियस ड्रग रिएक्शन्स (संपादक: डॉ. स्वेतलिना प्रधान एवं डॉ. पियूष कुमार) और आईएएल हैंडबुक ऑफ लेप्रोसी (संपादक: भूषण कुमार) का विमोचन किया गया जो चिकित्सा जगत के लिए एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक उपलब्धि है।
LEPCON 2026 केवल एक सम्मेलन नहीं बल्कि संकल्प, सहयोग और समर्पण का ऐसा मंच बना जिसने कुष्ठ मुक्त भारत की दिशा में नई चेतना और नई प्रतिबद्धता का संचार किया।


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