मिठनपुरा चौक व माड़ीपुर चौक स्थित ‘Taste Of Kolkata’ रेस्टोरेंट के संचालक कफील अहमद उर्फ़ अरमान पर पत्नी का गंभीर आरोप-06 मार्च को जानलेवा हमला,अब तक नहीं हुई F.I.R.
“पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट की। बेल्ट से मारा, गैस के पाइप से पिटाई की, मुँह में गमछा ठूंस दिया और तकिए से मुँह दबाकर जान से मारने की कोशिश की।”
“स्थानीय लोगों में यह चर्चा है कि आरोपी से नजदीकी के कारण कार्रवाई में देरी हो रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।”
संवाददाता मुजफ्फरपुर बिहार
शहर के मिठनपुरा चौक और मारीपुर चौक पर संचालित ‘Taste Of Kolkata’ रेस्टोरेंट के संचालक मोहम्मद कफील अहमद पर उनकी पत्नी नुजहत प्रवीण ने गंभीर आरोप लगाए हैं।
पीड़िता का कहना है कि 06 मार्च 2026 को कफील अहमद ने दहेज की मांग को लेकर उसके साथ बेरहमी से मारपीट की और गला दबाकर हत्या करने की कोशिश की।
बताया जाता है कि कफील अहमद मूल रूप से वैशाली जिले के कटहरा ओपी क्षेत्र के अबाबकरपुर गांव का निवासी है और मुजफ्फरपुर में मारीपुर चौक व मिठनपुरा चौक के पास ‘Taste Of Kolkata’ नाम से रेस्टोरेंट चलाता है।
जान बचाने के लिए बालकनी से भागी पीड़िता।
पीड़िता नुजहत प्रवीण का आरोप है कि 06 मार्च को कफील अहमद और उसके परिजनों ने उसे कमरे में बंद कर बेल्ट और गैस सिलेंडर के पाइप से बेरहमी से पीटा।
जब स्थिति बेहद गंभीर हो गई तो अपनी जान बचाने के लिए उसे बालकनी से भागना पड़ा।घटना के बाद उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल, मुजफ्फरपुर में भर्ती कराया गया।
मेडिकल रिपोर्ट में मारपीट की पुष्टि।
सदर अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट में मारपीट (Assault) का स्पष्ट उल्लेख किया गया है। डॉक्टरों ने सिर में अंदरूनी चोट की आशंका जताते हुए NCCT Brain Scan कराने की सलाह दी है।
अवैध संबंधों का भी आरोप।
पीड़िता ने अपने पति पर कई अन्य महिलाओं और लड़कियों के साथ अवैध संबंध होने का आरोप लगाया है।
उसका कहना है कि उसके पास पति की कई लड़कियों के साथ तस्वीरें और कथित अश्लील ऑडियो भी मौजूद हैं।
हालांकि ये फोटो और ऑडियो कब के हैं और किस परिस्थिति में रिकॉर्ड हुए हैं,इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी तक चैनल द्वारा नहीं की जा सकी है।
08 मार्च को थानेदार,10 मार्च को City SP को आवेदन।
पीड़िता के अनुसार उसने 08.03.2026 को मिठनपुरा थाना के थानेदार को लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद भी जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो 10.03.2026 को सिटी एसपी, मुजफ्फरपुर को भी आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई गई।
आज तक केस दर्ज नहीं।
पीड़िता का आरोप है कि इतने गंभीर आरोप और लिखित आवेदन देने के बावजूद आज तक मिठनपुरा थाना में मामला दर्ज नहीं किया गया है,जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
संवाददाता से बातचीत में थानेदार बोले—मामले की जानकारी नहीं।
इस संबंध में जब संवाददाता ने टेलीफोन पर मिठनपुरा थानेदार से बात की,तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है।
आरोपी से थानेदार के अपनापन निभाने का शक।
स्थानीय लोगों और पीड़िता के परिजनों के बीच यह भी चर्चा है कि आरोपी के साथ थानेदार के अपनापन निभाने की वजह से कार्रवाई में देरी हो रही है। हालांकि इस आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
बच्चे माँ को सौंपे, लेकिन इंसाफ का इंतजार।
बताया जा रहा है कि थाना व स्थानीय दबाव के बाद कफील अहमद ने दोनों बच्चों को माँ के सुपुर्द कर दिया है।
हालांकि पीड़िता का कहना है कि जब तक पुलिस FIR दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार नहीं करती, तब तक उसकी न्याय की लड़ाई जारी रहेगी।
कानून क्या कहता है?
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे मामलों में कानून बेहद सख्त है।हत्या की कोशिश गंभीर संज्ञेय अपराध है।
दहेज उत्पीड़न (धारा 498A) के तहत पति या ससुराल पक्ष द्वारा प्रताड़ना दंडनीय अपराध है।
घरेलू हिंसा अधिनियम 2005 पीड़िता को सुरक्षा और कानूनी संरक्षण प्रदान करता है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार संज्ञेय अपराध में पुलिस को तुरंत FIR दर्ज करना अनिवार्य है।
नोट: इस खबर में लगाए गए सभी आरोप पीड़िता और स्थानीय सूत्रों के आधार पर हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि चैनल द्वारा नहीं की गई।

