बाल विवाह मुक्त समाज बनाने का संकल्प: वैशाली में जागरूकता अभियान लालगंज के महादलित टोले में ‘जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन’ की पहल, ग्रामीणों ने ली शपथ
वैशाली | विशेष संवाददाता,नसीम रब्बानी, बिहार
वैशाली जिले के लालगंज प्रखंड अंतर्गत महादलित मथुरापुर कुशदे टोला में मंगलवार को बाल विवाह उन्मूलन को लेकर एक सघन जागरूकता अभियान चलाया गया। ‘बाल विवाह मुक्त भारत अभियान’ के तहत यह कार्यक्रम स्वर्गीय कन्हाई शुक्ला सामाजिक सेवा संस्थान द्वारा ‘जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन’ परियोजना के सहयोग से आयोजित किया गया।बच्चों के अधिकारों की रक्षा का उद्देश्यअधिकार मित्र संतोष कुमार के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महादलित समुदाय के परिवारों को बाल विवाह के गंभीर दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना और किशोर-किशोरियों के अधिकारों की रक्षा के संबंध में जानकारी देना था।”शिक्षा और स्वास्थ्य सबसे जरूरी”: डॉ. सुधीर शुक्लाइस दौरान स्वर्गीय कन्हाई शुक्ला सामाजिक सेवा संस्थान* के सचिव और ‘जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन’ के निदेशक डॉ. सुधीर कुमार शुक्ला ने कहा: _”बाल विवाह केवल एक कानूनी अपराध नहीं है, बल्कि यह हमारी बेटियों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास को पूरी तरह रोक देता है। वैशाली जिले के हर बच्चे, विशेषकर बेटियों को स्कूल भेजना हमारी पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। कम उम्र में शादी करने से बच्चियों का स्वास्थ्य खराब होता है और वे कुपोषण का शिकार हो जाती हैं। जब तक बेटियां शिक्षित नहीं होंगी, तब तक समाज का पूर्ण विकास संभव नहीं है।”_कानून की सख्ती से कराया अवगतमौके पर मौजूद अधिकार मित्र संतोष कुमार और चंद्रशेखर ने ग्रामीणों को ‘बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम’ के कड़े नियमों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि इस अपराध में शामिल माता-पिता, बिचौलिए और विवाह कराने वाले लोगों को जेल और भारी जुर्माना हो सकता है।लोगों से अपील की गई कि आस-पास कहीं भी बाल विवाह होने की स्थिति में चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, जेआरसी हेल्पलाइन 1800-102-7222 या स्थानीय पुलिस को तुरंत संपर्क करें।ग्रामीणों ने ली सामूहिक शपथकार्यक्रम के अंत में मौजूद सभी ग्रामीणों ने बाल विवाह के खिलाफ इस अभियान में एकजुट रहने और कभी बाल विवाह न करने की सामूहिक शपथ ली।आखिरी बात:”बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, बाल विवाह को जड़ से मिटाओस्वस्थ समाज की यही पहचान, हर बच्चे को मिले शिक्षा का दान”
