दिल्ली हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया को उस मामले में कोई राहत नहीं दी है जिसमें उन्होंने अपनी पत्नी भानवी कुमारी सिंह द्वारा दायर घरेलू हिंसा (Domestic Violence) केस में राउज़ एवेन्यू कोर्ट द्वारा जारी समन को चुनौती दी थी। यह मामला Criminal Miscellaneous Case No. 7205/2024 से संबंधित है, जो दिल्ली के राउज़ एवेन्यू कोर्ट (MP/MLA Special Court) में चल रहे घरेलू हिंसा कार्यवाही से जुड़ा है। इस केस में पहले ट्रायल कोर्ट ने राजा भैया को Protection of Women from Domestic Violence Act, 2005 के तहत समन जारी किया था, जिसे उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। इस मामले की सुनवाई माननीय जस्टिस स्वर्णा कांता शर्मा की पीठ ने की। कोर्ट ने अपने विस्तृत फैसले में साफ कहा कि राउज़ एवेन्यू MP/MLA स्पेशल कोर्ट एक सक्षम मजिस्ट्रेट कोर्ट है और उसे घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत मामलों की सुनवाई का पूरा अधिकार प्राप्त है। कोर्ट ने यह भी महत्वपूर्ण टिप्पणी की कि घरेलू हिंसा अधिनियम केवल सिविल प्रकृति का कानून नहीं है, बल्कि इसकी प्रकृति क्वाज़ी-क्रिमिनल (quasi-criminal)” भी है, इसलिए ऐसे मामलों की सुनवाई मजिस्ट्रेट कोर्ट द्वारा की जा सकती है। अदालत ने यह भी माना कि समन जारी करने में किसी प्रकार की कानूनी त्रुटि नहीं पाई गई और “फोरम शॉपिंग” के आरोप भी टिकाऊ नहीं पाए गए. दिल्ली हाई कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि MP/MLA विशेष अदालतें सामान्य मजिस्ट्रेट कोर्ट की ही तरह काम करती हैं और केवल विशेष श्रेणी के मामलों की प्राथमिकता के आधार पर उन्हें नामित किया जाता है, न कि उनकी न्यायिक शक्ति सीमित की जाती है। अंततः कोर्ट ने राजा भैया की याचिका को खारिज (Dismiss) करते हुए ट्रायल कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा और मामले को आगे जारी रखने की अनुमति दी।
इस फैसले से यह भी स्पष्ट होता है कि घरेलू हिंसा जैसे मामलों में तकनीकी आपत्तियों के आधार पर राहत मिलना अब और कठिन होता जा रहा है और अदालतें ऐसे मामलों को गंभीरता से देख रही हैं। ऐसी ही अपडेट्स के लिए हमारे पेज को ज़रूर फॉलो करें और इस पोस्ट को शेयर करें। तहलका न्यूज़ के लिए मिट्ठू शाह की रिपोर्ट



