बाल विवाह मुक्त भारत अभियान: लालगंज में संकल्प सभा और पुरस्कार वितरण समारोह सम्पन्न
विजेता छात्र-छात्राएं सम्मानित, 2030 तक बाल विवाह समाप्त करने का लिया संकल्प
लालगंज, वैशाली
बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत स्वर्गीय कन्हाई शुक्ला सामाजिक सेवा संस्थान, जिला विधिक सेवा प्राधिकार और जिला प्रशासन वैशाली के संयुक्त तत्वावधान में तथा जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन के सहयोग से लालगंज प्रखंड के राजकीयकृत घटारो उच्च माध्यमिक विद्यालय में संकल्प सभा सह पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया।
समारोह का मुख्य उद्देश्य बच्चों को बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना और उन्हें बाल अधिकार, शिक्षा एवं सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति संवेदनशील बनाना था। इसी क्रम में छात्र-छात्राओं के लिए चित्रकला, स्लोगन लेखन और निबंध लेखन प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय की प्रभारी प्राचार्या श्रीमती सुमन सिंह ने की। मुख्य वक्ता अधिकार मित्र संतोष कुमार ने बाल विवाह निषेध अधिनियम, बच्चों के संवैधानिक अधिकारों और बाल विवाह के सामाजिक दुष्प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बाल विवाह शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य की राह में सबसे बड़ी बाधा है। उन्होंने बाल विवाह की सूचना मिलने पर चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, महिला हेल्पलाइन 181, नालसा हेल्पलाइन 15100 और आपातकालीन सेवा 112 पर तुरंत सूचना देने की अपील की।
समारोह के मुख्य आयोजक, स्वर्गीय कन्हाई शुक्ला सामाजिक सेवा संस्थान के सचिव और जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन के निदेशक डॉ. सुधीर कुमार शुक्ला ने कहा कि बाल विवाह बच्चों के अधिकारों का गंभीर उल्लंघन है। इसे वर्ष 2030 तक समाप्त करने के लिए समाज के हर वर्ग की भागीदारी और बच्चों की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देना जरूरी है।
प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया:
निबंध लेखन
प्रथम: प्रिया कुमारी
द्वितीय: सपना कुमारी
तृतीय: सोनाली कुमारी
चित्रकला
प्रथम: अंजली कुमारी
द्वितीय: पूनम कुमारी
तृतीय: राधिका कुमारी
स्लोगन लेखन
प्रथम: छाया कुमारी
द्वितीय: पूनम कुमारी
तृतीय: पूजा राज
कार्यक्रम में शिक्षक अभिमन्यु कुमार, सुजाता कुमारी, सोनम, अमित कुमार, अवधेश कुमार तथा सामाजिक कार्यकर्ता सुरेंद्र पासवान की सक्रिय उपस्थिति रही।
समापन में प्रभारी प्राचार्या श्रीमती सुमन सिंह ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों में सामाजिक चेतना और कानूनी जानकारी विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अंत में सभी उपस्थित लोगों ने बाल विवाह के विरुद्ध आवाज उठाने और बाल विवाह मुक्त समाज बनाने का सामूहिक संकल्प लिया।

