दिल्ली पुलिस ने डॉक्टर देवेंद्र शर्मा को राजस्थान से किया गिरफ्तार 50 से अधिक हत्याओं और किडनी ट्रांसप्लांट का रैकिट चलाने का आरोप

डॉक्टर डेथ की खौफनाक सच्चाई: 100 से ज्यादा हत्याएं, मगरमच्छों को खिलाईं लाशें, दिल्ली पुलिस ने राजस्थान से दबोचा! दिल्ली पुलिस ने एक ऐसी सनसनीखेज गिरफ्तारी की है, जिसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। ‘डॉक्टर डेथ’ के नाम से कुख्यात सीरियल किलर देवेंद्र शर्मा, जो अपनी क्रूरता के लिए बदनाम है, को आखिरकार राजस्थान के दौसा जिले से गिरफ्तार कर लिया गया है। यह 67 वर्षीय आयुर्वेदिक चिकित्सक, जो कभी इंसानों की जान बचाने का दावा करता था, ने 1994 से 2004 के बीच कम से कम 21 ट्रक और टैक्सी ड्राइवरों की हत्या की और उनके शवों को उत्तर प्रदेश के कासगंज में हजारा नहर में मगरमच्छों को खाने के लिए फेंक दिया। पुलिस का मानना है कि उसने 50 से ज्यादा हत्याएं की हो सकती हैं, और कुछ सूत्रों के अनुसार यह आंकड़ा 100 से भी अधिक हो सकता है।

कैसे बना ‘डॉक्टर डेथ’?

देवेंद्र शर्मा का आपराधिक सफर तब शुरू हुआ जब उसकी फर्जी गैस एजेंसी बंद हो गई। इसके बाद वह जयपुर चला गया, जहां उसने एक क्लिनिक खोला और अपराधियों के एक गिरोह से जुड़ गया। इस गिरोह ने टैक्सी और ट्रक ड्राइवरों को फर्जी सवारी के बहाने बुलाकर उनकी हत्या कर दी, उनके वाहनों को ग्रे मार्केट में बेच दिया, और शवों को मगरमच्छों से भरी हजारा नहर में फेंक दिया ताकि सबूत मिट जाएं। शर्मा ने न केवल हत्याएं कीं, बल्कि वह एक अवैध किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट में भी शामिल था, जहां उसने कथित तौर पर 125 लोगों की गलत तरीके से किडनी ट्रांसप्लांट कराई, जिनमें से कई की जान चली गई।

पैरोल पर भागा, आश्रम में बन गया पुजारी

शर्मा को 2004 में किडनी रैकेट और सीरियल किलिंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उसे दिल्ली, राजस्थान और हरियाणा में सात अलग-अलग हत्या के मामलों में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी, और एक मामले में गुरुग्राम की अदालत ने उसे मृत्युदंड भी दिया था। 2020 में उसे 20 दिन की पैरोल मिली, लेकिन वह सात महीने तक फरार रहा। फिर जून 2023 में, दिल्ली के सरिता विहार थाने में दर्ज एक मामले में उसे दो महीने की पैरोल दी गई, लेकिन 3 अगस्त 2023 के बाद वह फिर से गायब हो गया। इस बार वह राजस्थान के दौसा में एक आश्रम में पुजारी बनकर छिपा हुआ था, जहां वह झूठी पहचान के साथ रह रहा था। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने गुप्त सूचना के आधार पर उसे 19 मई 2025 को धर दबोचा।

पुलिस की कार्रवाई और भविष्य

दिल्ली पुलिस के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (क्राइम ब्रांच) आदित्य गौतम ने बताया कि शर्मा और उसके साथियों ने ड्राइवरों को फर्जी सवारी के लिए बुलाकर उनकी हत्या की और उनके वाहनों को बेच दिया। शवों को मगरमच्छों को खिलाने की उनकी रणनीति सबूत मिटाने का एक क्रूर तरीका था। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि क्या फरार रहने के दौरान शर्मा ने और अपराध किए। उसकी गिरफ्तारी से उन परिवारों को राहत मिली है, जिनके अपनों को इस क्रूर हत्यारे ने छीना था।

क्यों है यह मामला इतना सनसनीखेज?

‘डॉक्टर डेथ’ की कहानी इसलिए खौफनाक है क्योंकि यह न केवल क्रूर हत्याओं की दास्तान है, बल्कि एक ऐसे शख्स की कहानी है जो पेशे से डॉक्टर होते हुए भी इंसानियत को शर्मसार करने वाले अपराधों में लिप्त था। उसका मगरमच्छों को शव खिलाने का तरीका और किडनी रैकेट में शामिल होना उसे भारत के सबसे खतरनाक अपराधियों में से एक बनाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!