सोनपुर मंडल में यात्री सुविधाओं के साथ- साथ रेल राजस्व में भी ऐतिहासिक वृद्धि– कैटरिंग से 42% और वाटर वेंडिंग मशीन से 62% की वार्षिक वृद्धि दर्ज
सोनपुर मंडल, पूर्व मध्य रेलवे, रेलवे की पारंपरिक आय के स्रोतों से इतर, यात्रियों को बेहतर सुविधाएँ प्रदान करते हुए रेल राजस्व में वृद्धि की दिशा में निरंतर प्रयासरत है। सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल के अंतर्गत मंडल द्वारा कैटरिंग सेवाओं एवं वाटर वेंडिंग मशीन (WVM) के संचालन को पारदर्शी व प्रतिस्पर्धात्मक प्रक्रिया के माध्यम से विस्तार दिया जा रहा है, जिससे न केवल यात्रियों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं, बल्कि रेलवे के आय स्रोतों को भी मजबूत किया गया है।
कैटरिंग क्षेत्र में 42% की उल्लेखनीय वृद्धि
वर्ष 2024-25 में कैटरिंग सेवाओं से प्राप्त राजस्व में पिछले वर्ष की तुलना में 42% की वृद्धि दर्ज की गई है। वर्तमान में मंडल में कुल 166 कैटरिंग यूनिट्स सक्रिय हैं, जिनसे इस वर्ष ₹1,80,91,531/- की वार्षिक आय प्राप्त हुई है। इस सफलता के पीछे एक ओर जहां बेहतर अनुबंध प्रबंधन एवं निगरानी व्यवस्था है, वहीं दूसरी ओर उच्च गुणवत्ता वाली खाद्य सेवाओं के प्रति यात्रियों का बढ़ता विश्वास भी योगदानकर्ता है।
इसके अतिरिक्त, हाल ही में हाजीपुर एवं शाहपुर पटोरी स्टेशनों पर 2 नई कैटरिंग यूनिट्स आवंटित की गई हैं, जिनसे लगभग ₹15,19,563/- की अनुमानित वार्षिक आय एवं ₹75,97,815/- का कुल अनुबंध मूल्य निर्धारित किया गया है। ये आंकड़े इस बात के प्रमाण हैं कि मंडल द्वारा समयबद्ध एवं रणनीतिक प्रयासों से कैटरिंग सेवाओं का विस्तार सकारात्मक दिशा में हुआ है।
वाटर वेंडिंग मशीन (WVM) से 62% की वार्षिक वृद्धि
जल आपूर्ति के क्षेत्र में भी मंडल ने उल्लेखनीय कार्य किया है। इस समय मंडल में 48 वाटर वेंडिंग मशीन (WVM) यूनिट्स संचालित हैं, जिनसे वर्तमान वित्तीय वर्ष में ₹44,21,832/- की वार्षिक आय अर्जित की गई है। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की तुलना में 62% की वृद्धि को दर्शाता है, जो यात्रियों में स्वच्छ, शुद्ध और किफायती जल सेवा की बढ़ती माँग को भी परिलक्षित करता है।
इस क्षेत्र में हाल में खगड़िया एवं मानसी स्टेशनों पर 3 नई WVM यूनिट्स आवंटित की गई हैं, जिनसे ₹5,46,000/- की अनुमानित वार्षिक आय एवं ₹27,30,000/- का अनुबंध मूल्य निर्धारित किया गया है। यह विस्तार रेलवे की जल आपूर्ति को सतत और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में उठाया गया ठोस कदम है।
रेल राजस्व और सेवा गुणवत्ता में समांतर प्रगति
इन आँकड़ों से स्पष्ट होता है कि सोनपुर मंडल ने केवल राजस्व वृद्धि पर ही नहीं, बल्कि सेवा गुणवत्ता और यात्री संतुष्टि पर भी समान रूप से ध्यान केंद्रित किया है। पारदर्शी निविदा प्रक्रिया, प्रभावशाली अनुबंध प्रबंधन, डिजिटल निगरानी एवं नियमित मूल्यांकन जैसे कदमों ने इन क्षेत्रों में सशक्त प्रगति का मार्ग प्रशस्त किया है।
इस अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक श्री विवेक भूषण सूद ने कहा:
“सोनपुर मंडल रेलवे को न केवल सेवा प्रदाता, बल्कि एक उत्तरदायी और आत्मनिर्भर संस्था के रूप में स्थापित करने के लिए संकल्पित है। हम यात्रियों को श्रेष्ठ सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। आने वाले समय में और भी नई सेवाओं एवं तकनीकी नवाचारों के माध्यम से यात्रियों के अनुभव को और बेहतर बनाया जाएगा। साथ ही, हम जनसहभागिता और निजी भागीदारी के माध्यम से रेलवे को आर्थिक रूप से अधिक सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर कार्य करते रहेंगे।”

