दीदरगंज अंचल कर्मचारी पारस भास्कर की अपनी मनमानी एवं आला अधिकारियों के आदेशो को ताख पर रख कर करते है कार्य।

दीदरगंज अंचल कर्मचारी पारस भास्कर की अपनी मनमानी एवं आला अधिकारियों के आदेशो को ताख पर रख कर करते है कार्य।

पटना सदर अंतर्गत दीदरगंज अंचल के कर्मचारी पारस भास्कर की अपनी मनमानी एबं आला अधिकारियों के आदेशो को ताख पर रख कर करते है कार्य। जनता का फ़ोन नही उठाते दीदरगंज कर्मचारी पारस भास्कर। लोक सेवक होने का फर्ज भूले…समस्याओं को लेकर फोन करने पर नहीं देते रिस्पांस।

संवाददाता पटना

पटना सिटी :जनता का फ़ोन नही उठाते कर्मचारी। लोक सेवक होने का फर्ज भूले…समस्याओं को लेकर फोन करने पर नहीं देते रिस्पांस।कहीं ऐसा तो नहीं…
आम जनता का फोन रिसीव करना राजस्व कर्मचारी अपना तौहीन समझते हैं। जब राजस्व कर्मचारी पारस भास्कर आम जनों का फोन ही नहीं उठाते तो नंबर प्रदर्शित करने की क्या जरूरत
सरकार की मंशा है जनता के अधिकांश काम ऑनलाइन सरकारी दफ्तर जाए बगैर हो, अधिकारीगण पालन क्यों नहीं करते। सूत्रों के अनुसार
पूरे प्रदेश में राजस्व कर्मचारी की फोन नहीं उठाने की बीमारी सर चढ़कर बोल रही है। दलाल, सेटिंग वाले और कमीशन खोर दोस्तों का फोन घंटी बजते ही उठता है
जनता का फोन नहीं उठाने की बीमारी सिर्फ प्रदेश के राजस्व कर्मचारियों में ही है। जैसा कि जनता द्वारा बताया जाता है। जनता के प्रति गैर जवाबदेही – दूरदराज से सरकारी दफ्तर आने वाले व्यक्ति को जब अधिकारी के दौरे में या छुट्टी में होने की जानकारी मिलता है तो वह अधिकारी से फोन पर संपर्क करता है लेकिन अधिकारी फोन या तो बंद रहता है या कवरेज से बाहर, या फिर अधिकारी फोन ही नहीं उठाता। ऐसे में उस व्यक्ति के ऊपर मुसीबत का पहाड टूट पड़ता है। आने-जाने खर्चा और उस पर समय खराब होने और काम नहीं बनने का दुख आम लोगों की तकलीफ और बढ़ा देता है। जनता को कितनी भी परेशानियां क्यों न हों सभी राजस्व कर्मचारियों ने फोन नहीं उठाने का एक तरह से नियम ही बना लिए है। आम तौर पर सरकारी नुमाइन्दों का मुख्य काम लोगों को सुविधा पहुंचाने का होता है। व्यवस्था अनुसार लोगों की समस्याओं को दूर करना इनकी जिम्मेदारी होती है। लेकिन वर्तमान में अधिकारी कर्मचारी जवाबदारियों से बचने ड्यूटी के नाम पर समय ही काटते हैं। वैसे तो ये खुद को इतना व्यस्त जताते हैं कि अपनी समस्यायों और परेशानियों को लेकर फोन करने वाले लोगों की काल तक रिसीव नहीं करते। कई बार लोग अपने कामों के संदर्भ में जानकारी लेने के लिए अधिकारियों व संबंधित कर्मचारियों को फोन लगाते हैं लेकिन मजाल है कि कोई अधिकारी-कर्मचारी फोन रिसीव कर संबंधित व्यक्ति की समस्या का समाधान कर दे या परामर्श दे दे।

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