तुलसीपुर- स्थानीय एम डी एस रायल रिसोर्ट के सभागार में 5 अक्टूबर को राष्ट्रीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता साहित्य भूषण पुरस्कार से सम्मानित डा राम नरेश सिंह मंजुल ने की।आयोजन समिति के रूप चन्द्र गुप्ता ने अतिथि कवियों व रचनाकारों तथा गणमान्य नागरिकों को अंग वस्त्र व राम चरित मानस की प्रति भेंट कर स्वागत किया।
कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलित कर मुख्य अतिथि द्वारा की गई,उसके बाद नवोदित कवि प्रशांत मिश्र के द्वारा खूबसूरत सा सरस्वती वंदना प्रस्तुत किया गया। कन्हैया लाल मधुर ने तेरी आँखों मे सनम झील सी गहराई है,वाह क्या हुस्न की दौलत खुदा से पाई है और अपनी रचना जुल्फों की घटा में छुपा वो चांद का टुकड़ा,बेखौफ दिल मे दर्द की शुरुआत हो गई ने वाह वाही लूटी।प्रख्यात कवि अरुण प्रकाश पांडेय ने महिलाओं पर हो रहे अत्याचार पर कहा मुझे देवी मत समझो,मुझे मत पूजो,खुद भी इंसान बनो और मुझे भी इंसान रहने दो।
सड़क पे एक लाश पड़ी थी चारों ओर भीड़ खड़ी थी,लाश तो आदमी की थी भीड़ में कोई आदमी न था।मशहूर शायर अफ़रोज़ तालिब के द्वारा मैं तुमसे नहीं कहता कि अपनी जान दे देना,मगर मेरे होंठों को थोड़ी सी मुस्कान दे देना।श्रोताओं की भरपूर सराहना मिली।ओज के कवि ओम प्रकाश मिश्र ने गफलत में सोने वालों को मैं आज जगाने आया हूँ,मैं गीत सुनाने आया हूँ मैं मीत बनाने आया हूँ। मनोज मिश्र ने तुम पुरुष बलशाली हो,संसार वाटिका माली हो। राम नरेश सिंह मंजुल ने नवोदित कवियों को सलाह दी कि लिखने से पहले पढ़िए और मोबाइल का प्रयोग कविता सुनते समय मत कीजिए क्योंकि इससे आपका श्रोताओं से वो भाव नहीं जुड़ पता है।अपनी रचना लहर ने नदी से कभी कुछ कह था,न तुम जान पाए न मैं जान पाया। साथ ही आशीष आनंद,गुलशन,नीरज नवीन,उत्कर्ष मिश्र,मनीष मिश्र,अशोक सिंह चौहान, महेश गोयल व कवियत्री श्रीमती मुन्नू तिवारी,कुमारी शशि ने भी अपनी रचनाएं सुनकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।अंत मे आयोजक रमेश चन्द्र गुप्ता ने आए हुए कवियों,शायरों व रचनाकारों का आभार व्यक्त किया।सत्य नारायण मिश्र,व्यापार मंडल अध्यक्ष श्याम बिहारी अग्रहरि,समाजसेवी अनिल लाट,राधेश्याम चौरसिया, विजय सोनी,मीना किन्नर,सुशील सिंह,सत्यनाथ दादा जी,सर्वेश पांडेय,अक्षत पांडेय,ओम प्रकाश अग्रहरि आदि मौजूद रहे।कवि सम्मेलन का संचालन गीतकार कन्हैया लाल मधुर ने किया। तहलका न्यूज़ के लिए मिठू शाह की रिपोर्ट









