मधुबनी में शिक्षा का ऐतिहासिक विस्तार जामिया हमदर्द पैरामेडिकल सेंटर को मिली आधिकारिक स्वीकृति

मधुबनी में शिक्षा का ऐतिहासिक विस्तार
जामिया हमदर्द पैरामेडिकल सेंटर को मिली आधिकारिक स्वीकृति , मोहम्मद इम्तियाज नुरानी चेयरमैन क्रिबस अस्पताल मधुबनी

मधुबनी संवाददाता मो सालिम आजाद

आज, मधुबनी के शैक्षणिक तथा स्वास्थ्य-शिक्षा के इतिहास में एक यादगार और मुक़द्दस दिन दर्ज हो गया है
जामिया हमदर्द के पैरामेडिकल सेंटर को मधुबनी में आधिकारिक रूप से स्वीकृति तो पहले ही मिल गई थी आज औपचारिक रूप से एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए इसका अर्थ यह है कि अब पैरामेडिकल की पढ़ाई के लिए दिल्ली जाने की मजबूरी नहीं रही, जामिया हमदर्द की प्रतिष्ठित डिग्री अब अपने ही मधुबनी में उपलब्ध होगी यहीं रहकर, यहीं पढ़कर, विद्यार्थी जामिया हमदर्द जैसी अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त यूनिवर्सिटी की डिग्री हासिल कर सकेंगे
इस मुबारक और ऐतिहासिक अवसर पर अनेक सम्मानित और विशिष्ट व्यक्तित्वों की गरिमामयी उपस्थिति रही। दाएँ से क्रमशः
प्रोफेसर सरफराज एहसान साहब (डिप्टी रजिस्ट्रार, जामिया हमदर्द यूनिवर्सिटी),
प्रोफेसर सोहराब साहब (हेड ऑफ़ द डिपार्टमेंट, पैरामेडिकल सेंटर, जामिया हमदर्द यूनिवर्सिटी),
कर्नल ताहिर साहब (रजिस्ट्रार, जामिया हमदर्द यूनिवर्सिटी),
प्रोफेसर अफशार आलम साहब (वाइस चांसलर, जामिया हमदर्द यूनिवर्सिटी),
डॉ. खालिद उस्मानी साहब (सीईओ एवं मैनेजिंग डायरेक्टर, क्रिबस ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स),
मोहम्मद इम्तियाज़ नूरानी (चेयरमैन, क्रिबस ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स)
तथा अनेक अन्य गणमान्य हस्तियाँ इस ऐतिहासिक क्षण की साक्षी बनीं।
आज एग्रीमेंट पर दस्तख़त हो चुके हैं और आने वाले दिनों में भव्य उद्घाटन होगा। सच यह है कि पैरामेडिकल कोर्सेज़ कई जगहों से किए जा सकते हैं, लेकिन जामिया हमदर्द जैसी यूनिवर्सिटी से पढ़ाई करना अपने आप में एक अलग वक़ार और पहचान रखता है। वैश्विक पटल पर यह बात अपने-आप एक मजबूत संदेश देती है कि आपने शिक्षा एक ऐसी संस्था से प्राप्त की है, जो गुणवत्ता, भरोसे और अकादमिक उत्कृष्टता की मिसाल मानी जाती है। और ट्रेनिंग एक ऐसे अस्पताल (क्रिबस मधुबनी) में किया है जिसे लोग मिथिला का एम्स मानते हैं
हमारे टीम की मेहनत, नीयत और योग्यता को पुरस्कृत करने के लिए माननीय वाइस चांसलर साहब और उनकी पूरी टीम का मैं दिल की गहराइयों से शुक्रगुज़ार हूँ। यह उपलब्धि किसी एक दिन का नतीजा नहीं, बल्कि लगातार संघर्ष, सब्र और सतत प्रयासों का प्रतिफल है। आगे भी हमें और ज़्यादा ईमानदारी और संकल्प के साथ काम करना है, ताकि हमारा यह सेंटर न सिर्फ़ पूरे बिहार में, बल्कि पूरे देश में अपनी एक सकारात्मक सशक्त और विश्वसनीय पहचान बना सके।
यह सच है कि पैरामेडिकल सेंटर्स बहुत हैं, लेकिन बिहार के मधुबनी में सीधे जामिया हमदर्द की डिग्री मिलना अपने आप में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है जिस पर हम मधुबनी के जनता को गर्व होना चाहिए।

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