बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता: वैशाली में आयोजित हुआ विशेष कार्यक्रम
वैशाली जिले के उच्च माध्यमिक विद्यालय शाहमियाँ रोहुआ में बाल विवाह मुक्त भारत के 100 दिवसीय विशेष अभियान के तहत राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में बाल विवाह के हानिकारक प्रभाव, कानूनी प्रावधान और रिपोर्टिंग के तरीकों के बारे में जानकारी दी गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्रधानाध्यापक राजकुमार सिन्हा ने की, जबकि संचालन अधिकार मित्र संतोष कुमार ने किया। इस दौरान जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन कार्यक्रम के निदेशक डॉ सुधीर कुमार शुक्ला ने बताया कि बाल विवाह एक सामाजिक बुराई है जो बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और सपनों को बाधित करती है।
कार्यक्रम में बाल विवाह से संदर्भित विषय पर निबंध लेखन, पेंटिंग्स और स्लोगन प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इस अवसर पर अधिकार मित्र संतोष कुमार ने कहा कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत शादी के लिए लड़कों की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और लड़कियों की 18 वर्ष निर्धारित की गई है।

