महुआ में कवियों के द्वारा की गई कविताओं की रस वर्षा में भिंगे श्रोता
कवियों की कुंभ में बिहार का किया गुणगान, पीएचईडी मंत्री ने किया कार्यक्रम का उद्घाटन
महुआ। रेणु सिंह
कविताओं के रस वर्षा में श्रोता भीगते रहे और हास्य व्यंग्य पर हंसी के फब्वारें भी छुटते रहे। अवसर था रविवार की रात महुआ के जवाहर चौक स्थित एक सभा भवन में विराट कवि महासम्मेलन का।
यहां पर कवियों के कुंभ में कविताओं पर श्रोता लोटपोट हुए। उनके द्वारा एक से बढ़कर एक प्रस्तुति दी गई। जिस पर तालियों के साथ वाह-वाह गूंजते रहे। इस महाकवि सम्मेलन का उद्घाटन पीएचईडी मंत्री संजय कुमार सिंह, समाजसेवी किसलय किशोर, शशि भूषण व अन्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। मौके पर मंत्री श्री सिंह ने कहा कि महुआ की धरती विद्वानों की कद्र करती आई है। आज यहां पावन भूमि पर देवतुल्य महान कवियों का आगमन हुआ है। जिससे यहां की धरती धन्य हुई है। कार्यक्रम का आयोजन कवि प्रीतम कुमार झा, डॉ रेणु शर्मा, सुमित सहगल, नरेंद्र कुमार झा, डॉ रीना मिश्रा, सुमित सहगल, अमरगुप्ता और एक संस्थान के द्वारा किया गया था। कार्यक्रम की शुरुआत कभी विनोद हसौड़ा उर्फ हथौड़ा ने बिहार गाथा कविता से की। संजय शर्मा, वर्षा झा, प्रमोद झा, रणधीर कुमार, अभय कुमार आर्य, धनंजय सिंह, राजकमल जायसवाल आदि ने कार्यक्रम में सहभागिता निभाई। कार्यक्रम में उपस्थित कवि गोविंद गजब, रजनी प्रभा, गोविंद बल्लभ, डॉ विजय तन्हा, एम सुषमा, डॉ बबीता सिंह, डॉ प्रतिभा पराशर, सुधा सिंह, अमित श्रीवास्तव, राजकुमार आशीर्वाद, रंजन शर्मा, हिमांशु, अंकित, वर्षा ठाकुर, सुनील, सौम्य, अनिल, नागेंद्र मणि, मुस्कान, केसरी देवी, नारायण झा, कृष्णा राज, अविनाश पांडे, पूनम आदि ने अपनी कविताओं को सुना कर लोगों का दिल जीता। यहां पर कवियों की सुनने के लिए श्रोताओं की भीड़ रही।
