केंद्रीय बजट जन-विरोधी, किसान-विरोधी और खेत मजदूर-विरोधी है:एआईकेकेएमएस ।

केंद्रीय बजट जन-विरोधी, किसान-विरोधी और खेत मजदूर-विरोधी है:एआईकेकेएमएस ।
रिपोर्ट सुधीर मालाकार। हाजीपुर (वैशाली)ऑल इण्डिया किसान खेत मजदूर संगठन की अखिल भारतीय समिति का दृढ़ मत है कि भाजपा सरकार की वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा 1 फरवरी, 2026 को प्रस्तुत किया गया केंद्रीय बजट 2026-27 पूरी तरह से जन-विरोधी, किसान-विरोधी और कॉरपोरेट समर्थक है।
बजट में किसानों और खेत मजदूरों की मांगों को मानने की तो बात ही छोड़िए, उनका जिक्र तक नहीं किया गया है।
किसान लंबे समय से निम्नलिखित मांगों के लिए संघर्ष कर रहे हैं । उनकी कृषि उपज के लिए उत्पादन लागत के डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) लागू करना और केंद्र सरकार द्वारा इसकी खरीद की गारंटी; बैंक ऋण माफी; बीज, खाद जैसी कृषि उपयोगी चीजों की सस्ती दर पर आपूर्ति; बिजली क्षेत्र के निजीकरण पर रोक और बिजली बिल-2025 की वापसी; पूरे साल काम की गारंटी और 800 रुपये दैनिक मजदूरी आदि। कोई भी समझदार व्यक्ति आसानी से समझ सकता है कि किसानों और खेत मजदूरों को राहत पहुंचाने के लिए इन मांगों को पूरा करना निहायत अनिवार्य है। लेकिन बजट आवंटन और उससे प्रकट होने वाले दृष्टिकोण से स्पष्ट रूप से जाहिर होता है कि केंद्र में स्थित भाजपा सरकार किसानों और खेत मजदूरों की मांगों को पूरा करने के लिए राजी नहीं है। मनरेगा की जगह जिस ‘जी रामजी’ कानून का सरकार इतना ढिंढोरा पीट रही है ,उसके बजट में 65.9 प्रतिशत की कटौती की गई है ,जबकि इसके विज्ञापन पर बड़ी रकम खर्च कर रही है। पिछले बजट में 88,000 करोड़ रुपए की जगह इस बजट में मात्र 30,000 करोड़ रुपए आबंटन किया है। किसान, खेत मजदूरों के प्रति यह बजट खामोश है।
बजट आवंटन का उद्देश्य देश और विदेश की बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लालच को हर संभव तरीके से पूरा करना है। यह कहने की आवश्यकता नहीं है कि यह बजट पूंजीवादी शोषण के परिणामस्वरूप हमारे देश में चल रही गरीबी की प्रक्रिया को और मजबूत करेगा। इससे अमीर और गरीब के बीच की खाई और गहरी और चौड़ी हो जाएगी। इसलिए, इस जन-विरोधी, किसान-विरोधी बजट का विरोध करना हमारा मूल कर्तव्य है।
ऑल इण्डिया किसान खेत मजदूर संगठन (AIKKMS) देश के सभी मेहनतकश लोगों से आह्वान करता है कि वे आगे आएं और सत्ताधारी वर्ग और उसकी गुर्गा, भाजपा सरकार के घिनौने मंसूबों का विरोध करने के लिए श्रमिकों, किसानों, खेत मजदूरों और लोकतांत्रिक सोच के लोगों का देशव्यापी सशक्त जन संघर्ष खड़ा करें।इसकी जानकारी ललित कुमार घोष
राज्य उपाध्यक्ष एआईकेकेएमएस ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।

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