जिला पदाधिकारी श्रीमती वर्षा सिंह द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से लघु सिंचाई गणना कार्य की समीक्षा

जिला पदाधिकारी श्रीमती वर्षा सिंह द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से लघु सिंचाई गणना कार्य की समीक्षा
जिले में औसतन 100.50 प्रतिशत प्रगति दर्ज, राज्य स्तर पर आदर्श बनने का संकल्प

जिला पदाधिकारी, वैशाली श्रीमती वर्षा सिंह द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सातवीं लघु सिंचाई गणना एवं द्वितीय जल निकाय गणना के अंतर्गत संचालित कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में सभी संबंधित प्रखंडों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी ने बताया कि यह गणना कार्य जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार की केंद्र प्रायोजित योजना “लघु सिंचाई सांख्यिकी का युक्तिकरण” के अंतर्गत मोबाइल ऐप के माध्यम से कराया जा रहा है। इस गणना का उद्देश्य जल उपयोग दक्षता बढ़ाने, जल बजट तैयार करने तथा प्रभावी योजना एवं नीति निर्माण के लिए सिंचाई क्षेत्र का व्यापक एवं विश्वसनीय डाटाबेस तैयार करना है।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि वैशाली जिले में अब तक 100.50 प्रतिशत प्रगति दर्ज की गई है, जो संतोषजनक एवं सराहनीय है।
उल्लेखनीय है कि महुआ प्रखंड ने 125.23% उपलब्धि के साथ जिले में सर्वाधिक प्रगति दर्ज की है। इसके अतिरिक्त देसरी( 119.40%), सहदेई बुजुर्ग (119.40%), महनार ( 113.23%), राघोपुर (110.85%), गोरौल (104.69%),
पातेढ़ी बेलसर (103.09%), चेहराकला (102.45%), वैशाली ( 98.20%), जंदाहा ( 98.01%), लालगंज (96.72%), बिदुपुर (95.42%), पातेपुर ( 93.77%),
हाजीपुर (93.10%), राजापाकर (92.46%) एवं भगवानपुर (84.92%)ने लक्ष्य से अधिक कार्य पूर्ण किया है।
जिलाधिकारी महोदया ने लक्ष्य से अधिक उपलब्धि प्राप्त करने वाले प्रखंडों की सराहना की तथा 100 प्रतिशत से कम प्रगति वाले प्रखंडों वैशाली, जंदाहा, लालगंज, बिदुपुर, पातेपुर, हाजीपुर, राजापाकर एवं भगवानपुर के प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रखंड कृषि पदाधिकारी एवं प्रखंड सांख्यिकी पदाधिकारी को निर्देश दिया कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करें।
उन्होंने विशेष रूप से डाटा की स्क्रूटनी एवं वैलिडेशन प्रक्रिया को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया, ताकि जिले का प्रतिवेदन पूर्णतः सटीक एवं विश्वसनीय हो। जिलाधिकारी ने कहा कि यह गणना राज्य एवं केंद्र स्तर पर जल संसाधन प्रबंधन तथा भविष्य की नीतिगत निर्णयों के लिए महत्वपूर्ण आधार सिद्ध होगी।

बैठक के अंत में उन्होंने कहा कि लघु सिंचाई गणना कार्य की गुणवत्ता एवं समयबद्ध पूर्णता की वह स्वयं निगरानी करेंगी तथा वैशाली जिला राज्य स्तर पर एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत करेगा। उन्होंने यह भी अवगत कराया कि बिहार राज्य का प्रतिवेदन आगामी 22 मार्च 2026 (विश्व जल दिवस) के अवसर पर प्रकाशित किया जाएगा।

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