डीएम वैशाली श्रीमती वर्षा सिंह का सख्त एक्शन: सदर अस्पताल में औचक निरीक्षण, दलालों व निजी एंबुलेंस पर प्राथमिकी का निर्देश

डीएम वैशाली श्रीमती वर्षा सिंह का सख्त एक्शन: सदर अस्पताल में औचक निरीक्षण, दलालों व निजी एंबुलेंस पर प्राथमिकी का निर्देश

सदर अस्पताल, हाजीपुर में 10 फरवरी 2026 की रात जिलाधिकारी वैशाली श्रीमती वर्षा सिंह द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में अस्पताल परिसर में सक्रिय दलालों और निजी एंबुलेंस संचालन पर कड़ी कार्रवाई की गई। निरीक्षण के दौरान ओम प्रकाश राज (पिता– राजेश्वर राय, ग्राम/पोस्ट– दरवा, थाना– ताजपुर, जिला– समस्तीपुर) को संदिग्ध अवस्था में मरीजों को निजी अस्पताल ले जाने के उद्देश्य से घूमते पाया गया। पूछताछ में सामने आया कि वह मरीजों को बहला-फुसलाकर निजी अस्पताल पहुंचाने का कार्य करता है। उसके साथ रितेश कुमार (पिता– संजय कुमार सिंह, ग्राम– खोपी, जंदाहा), जो डायलिसिस टेक्नीशियन के रूप में कार्यरत है, को भी पकड़ा गया। जिलाधिकारी ने दोनों को पुलिस अभिरक्षा में भेजते हुए सिविल सर्जन को प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया।

निरीक्षण के क्रम में अस्पताल परिसर के बाहर खड़ी निजी एंबुलेंसों पर भी कार्रवाई की गई। मौके से दो चालकों — सुनील कुमार (पिता– शिवचंद्र राम, ग्राम– गुड़मीसमा, पोस्ट– ककरहट्टा, थाना– विदुपुर, जिला– वैशाली) एवं रौशन कुमार (पिता– स्व. पप्पू ठाकुर, ग्राम– अंधरवाड़ा, पोस्ट– विदुपुर, थाना– राजापाकर, जिला– वैशाली) — को पकड़ा गया। डीएम ने कुल सात निजी एंबुलेंस एवं उनके चालकों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया।

इमरजेंसी वार्ड के निरीक्षण में डॉ. प्रणय पुंज एवं डॉ. अक्षय माणिक ड्यूटी पर उपस्थित पाए गए, साथ ही मेडिकल स्टाफ भी मौजूद था, किंतु कई कर्मियों के पास पहचान पत्र नहीं था। इस पर जिलाधिकारी ने सख्त निर्देश दिया कि सभी चिकित्सक एवं कर्मी अनिवार्य रूप से पहचान पत्र धारण करें। रात्रि पाली में 15 मरीजों का इलाज किया गया। पुरुष वार्ड में बेड की कमी के कारण एक पुरुष मरीज को महिला वार्ड में भर्ती करने की स्थिति भी सामने आई, जिस पर डीएम ने व्यवस्था सुदृढ़ करने का निर्देश दिया।

जिलाधिकारी श्रीमती वर्षा सिंह ने स्पष्ट कहा कि अस्पताल परिसर में दलालों व बिचौलियों की एंट्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। मरीजों के साथ आने वाले एक परिजन को भी पहचान कार्ड निर्गत करने, मुख्य द्वार पर “निजी एंबुलेंस लगाना वर्जित है” जैसे साइनज लगाने तथा निगरानी व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने दो टूक कहा कि मरीजों की सुविधा और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी अवैध गतिविधि को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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