8 और 9 मार्च को महनार महोत्सव में एक बार फिर कव्वाल नगमा पेश कर समां बांधेंगे।
महनार वैशाली।
राजकीय स्तरीय महनार महोत्सव 2026 की तैयारी आखिरी मरहले में पहुंच गई हैं। महनार शहर स्थित माध्यमिक विद्यालय महनार बालक के मैदान में मंच निर्माण, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। अनुमंडल पदाधिकारी नीरज कुमार ने पदाधिकारियों और आयोजन समिति के सदस्यों के साथ स्थल का निरीक्षण कर तैयारियों की समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान एसडीओ ने निर्देश दिया कि महोत्सव में आने वाले दर्शकों और प्रतिभागियों के लिए सभी सुविधाएं सुरक्षित, व्यवस्थित और सुचारू रूप से उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि यह आयोजन महनार की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है और इसे भव्य एवं यादगार बनाने में किसी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिएं महोत्सव का आगाज 8 मार्च को होगा। पहले दिन महनार गीत, स्वागत गान, लोक नृत्य और भक्ति वंदना जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। वहीं 9 मार्च को स्कूली बच्चों और स्थानीय कलाकारों की विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आकर्षण भरा होगा वहीं आल इंडिया में मशहूर कव्वाल साबरी ब्रदर्स नगमा पेश कर समां बांधेंगे महनार के अवाम एक बार फिर कव्वाली से लुत्फ उठायें गे। मुशायरा या कव्वाली जैसे उर्दू प्रोग्राम उर्दू भाषा के विकास का जरिया है। एसडीओ नीरज सिन्हा एसडीपीओ प्रवीण कुमार उर्दू भाषा की तरक्की व विकास के लिए कृतसंकल्पित है निमंत्रण पत्र के ऊपरी हिस्से में उर्दू का इस्तेमाल किए गए हैं। इस बार महनार महोत्सव दर्शकों के लिए लुत्फ व आंनद के आकर्षण का केंद्र बनेंगा।
मालूम हो कि ये महनार महोत्सव वर्ष 2007 में शुरू हुई थी। तत्कालीन एसडीओ स्व मोहन प्रसाद ने बुनियाद डाली थी उस समय लोगों में काफी खुशी उमंग था और लोगों ने दिल खोलकर तन मन धन से सहयोग किया था उस समय
एक स्मारिका प्रकाशित कर महनार की ऐतिहासिक, भौगोलिक और सांस्कृतिक पहचान को उजागर किया गया था। जिसमें नये लिखने वाले उत्साह और हिम्मत बढ़ी थी पुर्व एसडीओ रविन्द्र कुमार तक स्मारिका छपी बाद में पुर्व एसडीओ स्व मनोज प्रियदर्शी दौर में स्मारिका छपना बंद हो गया और नये लिखने वाले लेखक, कवि और इतिहासकारों हौसले पस्त हो गया इस वक्त एसडीओ नीरज सिन्हा और एसडीपीओ प्रवीण कुमार ग़ज़ल गीत संगीत साहित्य में रुचि रखते हैं लेखक कवि साहित्यकार और पत्रकारो को इज़्ज़त व सम्मान करते हैं अगर ये चाहें तो मुमकिन है स्मारिका छप जाए। बात है कि एसडीओ मोहन कुमार ने महनार महोत्सव का दाग़ बेल डालीं और 9 वर्ष के बाद 2016 में महनार के रहे डीसीएलआर ललित कुमार सिंह ने परवान चढ़ाया और इनके प्रयास से महोत्सव का पुनः आयोजन हुआ। इसके बाद 2017 में तत्कालीन विधायक शिवचन्द्र राम के प्रयास से महोत्सव को राजकीय दर्जा हासिल हुआ और पहली बार सरकारी व्यय पर दो दिवसीय आयोजन हुआ। वर्ष 2018 तक रविन्द्र कुमार और 2019 में मनोज प्रियदर्शी की कुशल नेतृत्व में महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया, जबकि कोरोना काल में इसे स्थगित करना पड़ा। वर्ष 2023 / 2024 में एसडीओ सुमित कुमार ने महनार महोत्सव को चार चांद लगाया।
पिछले दो वर्षों से एसडीओ नीरज सिन्हा के कुशल नेतृत्व में महोत्सव का सफल आयोजन हो रहा है,इस बार तो एसडीपीओ प्रवीण कुमार की लगन मेहनत और स्थानीय सभी विभागों के पदाधिकारियों, कर्मचारियों की सहभागिता से पता चलता है कि यह महोत्सव काफी ऊंचाई जायेगा और महनार का नाम रौशन होगा।महोत्सव को लेकर क्षेत्र में खुशी व उत्साह का माहौल है और लोग इस सांस्कृतिक आयोजन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
