स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए विभाग ‘एक्शन मोड’ में; दवाओं की कमी और तकनीकी बाधाओं को दूर करने के सख्त निर्देश

स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए विभाग ‘एक्शन मोड’ में; दवाओं की कमी और तकनीकी बाधाओं को दूर करने के सख्त निर्देश

मुजफ्फरपुर। 11 मार्च

जिले में पिछले दिनों विभिन्न मीडिया माध्यमों द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं में आ रही बाधाओं और कमियों पर विभाग का ध्यानाकर्षण कराया गया है, जिसपर संज्ञान लेते हुए बुधवार को सिविल सर्जन डॉ सुधीर कुमार, डीपीएम रेहान अशरफ सहित अन्य पदाधिकारियों ने समीक्षा की है। इस समीक्षात्मक बैठक के बाद चिन्हित सेवाओं में आ रही दिक्कतों को पहचान कर दूर करने के लिए कमर कस ली गई है। ब्लॉक स्तरीय स्वास्थ्य केंद्रों पर दवाओं की उपलब्धता और ओपीडी सेवाओं में आने वाली तकनीकी दिक्कतों को प्राथमिकता के आधार पर हल करने के लिए भी ठोस कार्ययोजना तैयार की गई है।

दवाओं और जांच की कमी होगी दूर:
सिविल सर्जन डॉ सुधीर कुमार ने कहा कि हाल ही में कुछ केंद्रों पर एंटी-रेबीज वैक्सीन और लैब केमिकल्स की कमी की खबरें सामने आई थीं। इस पर विभाग ने संज्ञान लेते हुए राज्य मुख्यालय से नई खेप की मांग की गई है। साथ ही, प्रखंड स्तर के प्रभारियों को निर्देश दिया गया है कि आपातकालीन स्थिति में स्थानीय स्तर पर खरीद कर दवाओं का बफर स्टॉक बनाए रखें, ताकि किसी भी मरीज को बिना इलाज वापस न लौटना पड़े।

डिजिटल बाधाओं का निकाला गया समाधान:
ओपीडी पंजीकरण के दौरान बार-बार लिंक फेल होने की समस्या को देखते हुए विभाग ने आईटी टीम को नेटवर्क सुदृढ़ीकरण के निर्देश दिए हैं। वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर हाई-स्पीड डोंगल और बैकअप इंटरनेट लाइन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सर्वर की समस्या के दौरान मरीजों की सुविधा के लिए मैन्युअल पर्चा काउंटर को भी सक्रिय रखा जाएगा।

पुरुष नसबंदी पर विशेष फोकस:
स्वास्थ्य विभाग अब परिवार नियोजन कार्यक्रमों में पुरुषों की भागीदारी बढ़ाने के लिए एक व्यापक जागरूकता अभियान शुरू करने जा रहा है। मुजफ्फरपुर में पुरुष नसबंदी के आंकड़ों में सुधार लाने के लिए आशा कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य मित्रों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसका उद्देश्य समाज में व्याप्त भ्रांतियों को दूर कर पुरुषों को आगे लाना है।

विभाग का पक्ष:
जिला कार्यक्रम प्रबंधक रेहान अशरफ ने कहा कि प्रशासन जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। छोटी-मोटी तकनीकी और लॉजिस्टिक बाधाओं को चिन्हित कर लिया गया है और अगले कुछ दिनों में सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर सेवाएं पूरी तरह और बेहतर एवं पारदर्शी बनाई जाएंगी।

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