6 अगस्त 1945 मानव इतिहास का वह काला दिन है, जब द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अमेरिका ने जापान के हिरोशिमा शहर पर “लिटिल बॉय” नामक परमाणु बम गिराया। इस हमले ने कुछ ही क्षणों में पूरे शहर को तबाही में बदल दिया और हजारों लोगों की जान चली गई।
हमले की प्रमुख बातें:
- तारीख व समय: 6 अगस्त 1945, सुबह 8:16 बजे
- बम का नाम: लिटिल बॉय (यूरेनियम-235 आधारित)
- विमान: इनोला गे (बी-29 बॉम्बर), जिसके पायलट पॉल तिब्बेट्स थे विस्फोट के केंद्र lमें तापमान हजारों डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे लगभग 3 किलोमीटर के दायरे में भारी तबाही हुई। इस हमले में तत्काल लगभग p80,000 से 140,000 लोगों की मौत हुई। आने वाले वर्षों में विकिरण के कारण कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों से मरने वालों की संख्या 1.4 लाख से अधिक हो गई। बिस्फोट के बाद हुई रेडियोधर्मी “काली बारिश” ने पानी और भूमि को दूषित कर दिया। विकिरण का प्रभाव जीवित बचे लोगों (हिबाकुशा) और उनकी आने वाली पीढ़ियों पर भी लंबे समय तक देखा गया। हिरोशिमा की त्रासदी आज भी पूरी दुनिया को यह संदेश देती है कि युद्ध का सबसे बड़ा मूल्य हमेशा मानवता को चुकाना पड़ता है। शांति, संवाद और सह-अस्तित्व ही विश्व का भविष्य सुरक्षित रख सकते हैं। युद्ध किसी भी मसले का समाधान नहीं हो सकता




