फाइलेरिया मरीजों को राहत:
तरियानी में एमएमडीपी किट का वितरण एवं इस्तेमाल के तरीकों पर विशेष कार्यशाला आयोजित
शिवहर। 11 जुलाई
फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत आज तरियानी प्रखंड स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में फाइलेरिया (हाथी पांव) से पीड़ित मरीजों के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मरीजों को एमएमडीपी किट (रुग्णता प्रबंधन और विकलांगता निवारण कीट) का वितरण किया गया, जिससे वे घर पर ही अपने घाव और पैरों की बेहतर देखभाल कर सकें।
कार्यशाला की अध्यक्षता प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ ओम प्रकाश ने की। कार्यक्रम में प्रखंड प्रबंधक सुजीत कुमार, भीबिडीएस बृजकिशोर गुप्ता एवं संचारी रोग कार्यक्रम पदाधिकारी नवीन मिश्रा (पिरामल स्वास्थ्य) भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में फाइलेरिया मरीजों को हाथी पांव की नियमित सफाई, सूजन कम करने के उपाय, और संक्रमण से बचाव की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि समय पर देखभाल से इस बीमारी के प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
डॉ ओम प्रकाश ने कहा, “फाइलेरिया एक गंभीर लेकिन रोकथाम योग्य बीमारी है। मरीजों को लगातार साफ-सफाई और उपचार की आवश्यकता होती है। एमएमडीपी किट उनके लिए बहुत सहायक साबित होगी।”
बृजकिशोर गुप्ता ने किट में मौजूद सामग्री जैसे साबुन, टॉवेल, एंटीसेप्टिक और अन्य उपकरणों के उपयोग की विधि इस्तेमाल करके दिखाया व मरीजों को समझाया गया।
वही पीरामल स्वास्थ्य कार्यक्रम पदाधिकारी संचारी रोग नवीन मिश्रा ने बताया कि इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य मरीजों को आत्मनिर्भर बनाना और बीमारी के प्रति जागरूकता फैलाना था। कार्यक्रम के अंत में सभी मरीजों को एमएमडीपी किट वितरित की गई और उन्हें नियमित देखभाल की सलाह दी गई।

