प्रसूता के ऑपरेशन में लापरवाही मिलने पर मिडवे अस्पताल सील
बलरामपुर। सीएमओ कार्यालय से चंद दूरी पर संचालित मेडीवे हॉस्पिटल में गर्भवती का ऑपरेशन करने के बाद उसके पेट में गॉज (सर्जिकल स्पंज) छोड़ने के मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। चार सदस्यीय टीम की जांच रिपोर्ट के आधार पर एसीएमओ डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव की टीम ने शनिवार को अस्पताल को सील कर दिया है। महिला सर्जन और चिकित्साधिकारी के खिलाफ विधिक कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
बीते दिन पीड़ित पति अजय तिवारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र दिया था। प्रार्थना पत्र में बताया था कि उसने अपनी गर्भवती पत्नी अंजू देवी का पांच सितंबर 2025 को मेडीवे हॉस्पिटल में सिजेरियन प्रसव कराया था। ऑपरेशन से एक बच्ची का जन्म हुआ था, जिसका नाम आर्या रखा गया है। ऑपरेशन के कुछ दिन बाद उसकी पत्नी की तबीयत बिगड़ने लगी। तब उसने मेडीवे हॉस्पिटल में दोबारा महिला चिकित्सक को दिखाया। चिकित्सक ने अल्ट्रासाउंड जांच कराकर फिर से दवाएं दी, लेकिन आराम नहीं हुआ। हालत ज्यादा खराब होने पर महिला चिकित्सक ने रेफर का पर्चा बना दिया और अपने अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया। उसके बाद मैनें अपनी पत्नी का इलाज बहराइच स्थित एक अस्पताल में कराया। वहां जांच के दौरान पता चला कि अंजू के पेट में गॉज (सर्जिकल स्पंज) फंसा हुआ है, जिससे आंत में सड़न पैदा हो गया है। अंजू की हालत दिनोंदिन खराब होती जा रही थी। आनन-फानन में पहले एक बार बाईपास सर्जरी और बाद में आंतों का दोबारा उपचार कराना पड़ा। इसमें करीब छह लाख रुपये खर्च हो गए। मेडीवे अस्पताल में लापरवाहीपूर्वक ऑपरेशन का खामियाजा उसके परिवार को भुगतना पड़ रहा है। गंभीर लापरवाही के खिलाफ महिला चिकित्सक व अस्पताल संचालक के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की थी।
सीएमओ डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने शिकायत की जांच के लिए चार सदस्य टीम बनाई थी। एसीएमओ डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव नेतृत्व में टीम ने पीड़ित और अस्पताल संचालक, चिकित्सक से बयान लिया गया। जांच रिपोर्ट के आधार पर सील की कार्रवाई की गई है। इस अवसर पर पटल सहायक राजेश सिंह मौजूद रहे। तहलका न्यूज़ के लिए मिट्ठू शाह की रिपोर्ट





