दरोगा अभ्यर्थियों के संघर्ष को अध्ययन प्रकाशन का साथ, कड़ाके की ठंड में बांटी गई ‘बिहार विशेष’ पुस्तक
पटना : बिहार में इन दिनों शीतलहर और कड़ाके की ठंड का प्रकोप जारी है, लेकिन इस हाड़ कंपाने वाली ठंड में भी बिहार दरोगा (SI) की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों का जोश कम होने का नाम नहीं ले रहा है। आगामी 18 से 21 जनवरी तक होने वाली दरोगा परीक्षा को लेकर छात्र सुबह-सुबह पार्कों और मैदानों में तैयारी में जुटे हैं। छात्रों के इसी संघर्ष और जज्बे को संबल प्रदान करने के लिए ‘अध्ययन प्रकाशन’ (Adhyayan Prakashan) की टीम आज सुबह-सुबह ग्राउंड जीरो पर पहुँची। संस्थान की ओर से परीक्षा की तैयारी कर रहे सैकड़ों छात्र-छात्राओं के बीच ‘बिहार विशेष’ (Bihar Vishesh) पुस्तक का निःशुल्क वितरण किया गया।
छात्र – छात्राओं के बीच वितरण की गई पुस्तक के लेखक जेएनयू के संजय सर हैं, जो अपनी सटीक शिक्षण शैली के लिए छात्रों के बीच लोकप्रिय हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि दरोगा परीक्षा के अंतिम समय में रिवीजन के लिए यह पुस्तक रामबाण साबित होगी, क्योंकि इसमें बिहार के सामान्य ज्ञान और समसामयिकी के उन पहलुओं को समेटा गया है जो परीक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
“मन से नहीं हारना है”: निखिल (अध्ययन प्रकाशन)
इस अवसर पर अध्ययन प्रकाशन की टीम का नेतृत्व कर रहे निखिल जी ने छात्रों से संवाद किया और उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि मौसम की चुनौतियां और परीक्षा का दबाव आपको थका सकता है, लेकिन याद रखिएगा कि युद्ध केवल मैदान में नहीं, मन में भी जीता जाता है। परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन हों, आपको ‘मन से नहीं हारना है’। आपकी मेहनत का फल आपको वर्दी के रूप में जरूर मिलेगा।”
उन्होंने कहा कि मौसम की चुनौतियां और परीक्षा का दबाव आपको थका सकता है, लेकिन याद रखिएगा कि युद्ध केवल मैदान में नहीं, मन में भी जीता जाता है। परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन हों, आपको ‘मन से नहीं हारना है’। आपकी मेहनत का फल आपको वर्दी के रूप में जरूर मिलेगा।”

