महुआ में बीबीजी ,रामजी अधिनियम के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा ने किया प्रदर्शन ।
रिपोर्ट सुधीर मालाकार ।
महुआ (वैशाली) किसानों के कर्ज मुक्ति यू बी जी आर ए एम जी कानून 2025 को रद्द कर मनरेगा की पूर्ण बहाली ,बीज विधयक 2025 को वापस करने, कॉरपोरेट विद्युत विधयक 2025 को रद्द करने ,मजदूर विरोधी चार श्रम कोड की वापसी ,धान क्रय कानून को शक्ति से लागू करने, नीलगाय जंगली सूअर सहित आवारा पशुओं से कृषि एवं जीवन क्षति की रक्षा एवं उससे हुई छती का पर्याप्त मुआवजा वंशावली के आधार पर किसान पंजीकरण करने की गारंटी सहित महुआ में विद्युत शब्दाह गृह का निर्माण सहित अन्य केंद्र राज्य सरकार के किसान मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रव्यापी प्रतिरोध मार्च व सभा का आयोजन किया गया। महुआ में संयुक्त किसान मोर्चा के घटक संगठन ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन(AIKKMS) व बिहार राज्य किसान सभा के संयुक्त बैनर तले फुदेनी चौक से प्रतिरोध मार्च झंडा बैनर से सुसज्जित जुलूस निकाला गया। प्रतिरोध मार्च का नेतृत्व उपाध्यक्ष ललित कुमार घोष, जिला सचिव इंद्रदेव राय, बिहार राज्य किसान सभा के विश्वनाथ विप्लवी ,राजेश्वर राय ने किया। प्रखंड मुख्यालय में जुलूस पहुंचकर सभा में तब्दील हो गया। जिसकी अध्यक्षता इंद्रदेव राय और विश्वनाथ विप्लवी ने संयुक्त रूप से किया ।सभा को जिला अध्यक्ष राम पुकार राय, विश्वनाथ साहू ,शिवनाथ पटेल, देवेंद्र राय ,बिहार आज किसान सभा के मोहन राय ने संबोधित करते हुए एक स्वर में केंद्र की मोदी सरकार और नीतीश सरकार को किसान मजदूर विरोधी बताया। वक्ताओं ने आगे कहा कि केंद्र के मोदी सरकार ग्रामीण मजदूरों की बेरोजगारी बढ़ाने वाली मनरेगा कानून लागू किया है और जन विरोधी बिजली कानून 2025 को बनाया है ।चार श्रम कोड भी मजदूरों के खिलाफ बनाया है । राज्य सरकार ने धान खरीद के मामले में एक हजार प्रति क्विंटल किसानो का बिचौलियों से डकैती कराया है ।दोनों सरकारे किसान मजदूर के खिलाफ खड़ी है और कॉर्पोरेट पूंजीपत्तियों के पक्ष में सारे कानून बनाने जा रही है। ऐसी स्थिति में उपस्थित जनसमूह से किसान मजदूर की चट्टानी एकता कायम करते हुए जन आंदोलन को तेज करने का आहवन किया।

