बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता फैलाने का प्रयास
वैशाली, बिहार – बाल विवाह से मुक्ति को चलाए जा रहे 100 दिवसीय विशेष अभियान के तहत वैशाली जिले के भगवानपुर प्रखंड स्थित जी ए उच्च माध्यमिक विद्यालय में एक संकल्प सभा सह पुरस्कार वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बच्चों के बीच बाल विवाह से संदर्भित विषय पर पेंटिंग्स, निबंध और स्लोगन प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र और मेडल देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन परियोजना के निदेशक सह स्व कन्हाई शुक्ला सामाजिक सेवा संस्थान के सचिव डॉक्टर सुधीर कुमार शुक्ला, महिला हेल्पलाइन की प्रबंधक प्रियंका कुमारी, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी अमूल्य कुमार और साइकोलोजिस्ट वैष्णवी सिंह ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम में बताया गया कि भारत में शादी के लिए लड़की की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और लड़के की 21 वर्ष निर्धारित है। इससे कम उम्र में विवाह करना न केवल कानूनी अपराध है, बल्कि यह बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य के अवसरों को भी नष्ट कर देता है। कार्यक्रम में सभी ने बाल विवाह जैसी कुप्रथा के विरुद्ध जंग में सब को एक मंच पर आने की आवश्यकता पर बल दिया, साथ ही बताया कि सभी के सामूहिक प्रयास से ही इसे समाप्त किया जा सकता है।

