परिवार नियोजन सेवा पखवाड़ा में उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वास्थ्य कर्मी विशेष पुरस्कार से सम्मानित।
रिपोर्ट सुधीर मालाकार।
हाजीपुर (वैशाली)जिले में परिवार नियोजन कार्यक्रम को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाले स्वास्थ्य कर्मियों के लिए बुधवार का दिन गौरवपूर्ण रहा। जनसंख्या स्थिरीकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले विभिन्न प्रखंडों, स्वास्थ्य संस्थानों, एएनएम एवं आशा कार्यकर्ताओं को एक विशेष सम्मान समारोह में पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन और समन्वय में जिला कम्युनिटी मोबिलाइज़र (डीसीएम) निभा रानी सिन्हा की सक्रिय भूमिका रही, जिन्होंने जिले के स्वास्थ्य लक्ष्यों और आगामी रणनीति की जानकारी साझा की।
प्रखंड स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए देसरी प्रखंड ने पुरुष नसबंदी एवं मिनीलैप दोनों श्रेणियों में जिले में प्रथम स्थान प्राप्त किया। मिनीलैप श्रेणी में पातेपुर प्रखंड द्वितीय एवं महुआ प्रखंड तृतीय स्थान पर रहा। वहीं, प्रसव पश्चात गर्भनिरोधक सेवाओं (पीपीआईयूसीडी) के बेहतर क्रियान्वयन में जंदाहा प्रखंड प्रथम, बिदुपुर द्वितीय तथा भगवानपुर तृतीय स्थान पर रहा।
समारोह में डीसीएम निभा रानी सिन्हा ने बताया कि जिले में परिवार नियोजन सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए मिशन मोड में कार्य किया जा रहा है। इस अवसर पर पुरुष एवं महिला नसबंदी सेवाओं में उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों को प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान के लिए सम्मानित किया गया।
एएनएम श्रेणी में नसबंदी सेवाओं के सफल संचालन हेतु पीएचसी हाजीपुर की एएनएम ने प्रथम, महुआ की एएनएम ने द्वितीय तथा लालगंज की एएनएम ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। पीपीआईयूसीडी सेवाओं में वैशाली प्रखंड की एएनएम प्रथम, पटेढ़ी बेलसर द्वितीय एवं भगवानपुर की एएनएम तृतीय स्थान पर रहीं।
आशा कार्यकर्ताओं में महिला नसबंदी प्रेरणा श्रेणी में गोराउल की आशा ने प्रथम, पातेपुर की आशा ने द्वितीय एवं महुआ की आशा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। पुरुष नसबंदी प्रेरणा श्रेणी में हाजीपुर की आशा प्रथम रहीं। वहीं, पीपीआईयूसीडी सेवाओं में राजापाकर की आशा प्रथम, जंदाहा की आशा द्वितीय एवं बिदुपुर की आशा तृतीय स्थान पर रहीं।
कार्यक्रम के दौरान आगामी परिवार नियोजन जागरूकता चरणों की भी घोषणा की गई। 23 फरवरी से 5 मार्च तक दंपति संपर्क पखवाड़ा चलाया जाएगा, जिसमें स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर योग्य दंपतियों को परिवार नियोजन के लाभों की जानकारी देंगे। इसके बाद 6 मार्च से 20 मार्च तक सेवा पखवाड़ा आयोजित होगा, जिसमें जिला अस्पताल सहित प्रखंड स्तर पर विशेष कैंप लगाकर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। वहीं, 7 मार्च से 11 मार्च के बीच जागरूकता अभियान हेतु विशेष सारथी रथों को रवाना किया जाएगा, जो माइक और प्रचार सामग्री के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में ‘छोटा परिवार, सुखी परिवार’ का संदेश देंगे।
इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. श्यामनंदन प्रसाद, डीपीएम डॉ. कुमार मनोज, सूचित कुमार, विकास कुमार, डॉ. शाइस्ता सहित अन्य स्वास्थ्य पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।
