वैशाली में सोखता टैंक से निकली जहरीली गैस से एक ही परिवार के चार की मौत । (एक की हफ्तेभर पहले हुई थी शादी)
रिपोर्ट सुधीर मालाकार। हाजीपुर ( वैशाली)सराय थाना क्षेत्र के अनवरपुर गांव में दर्दनाक हादसा, तीन की हालत गंभीर ।जिले के सराय थाना क्षेत्र अंतर्गत अनवरपुर गांव में सोमवार को एक बेहद हृदयविदारक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। शौचालय के सोखता टैंक में जमा जहरीली गैस की चपेट में आकर एक ही परिवार के चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोखता टैंक की सफाई या मरम्मत के दौरान अचानक जहरीली गैस का रिसाव हुआ। टैंक के अंदर उतरा एक सदस्य बेहोश होकर गिर पड़ा। उसे बचाने के प्रयास में परिवार के अन्य सदस्य भी एक-एक कर अंदर चले गए और ऑक्सीजन की कमी के कारण दम घुटने से सभी की मौत हो गई।
इस हादसे की सबसे मार्मिक कड़ी मृतक राहुल कुमार से जुड़ी है। बताया जा रहा है कि राहुल की शादी अभी बीते 24 फरवरी को ही बड़े धूमधाम से संपन्न हुई थी। घर में शादी की खुशियां अभी पूरी तरह खत्म भी नहीं हुई थीं कि सप्ताह भर के भीतर ही दूल्हे की असामयिक मौत की खबर ने पूरे परिवार को गहरे शोक में डुबो दिया। राहुल के साथ उसके पिता आनंद कुमार तथा आनंद के दो भाई पंकज कुमार और एक अन्य सदस्य की भी जान चली गई।
हादसे में तीन अन्य लोगों की हालत भी गंभीर बताई जा रही है। उन्हें आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां वे जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। सदर अनुमंडल पदाधिकारी रामबाबू बैठा तथा लालगंज एसडीपीओ गोपाल मंडल दलबल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। अधिकारियों ने प्रारंभिक जांच में बताया कि टैंक के भीतर कार्बन मोनोऑक्साइड अथवा मीथेन जैसी जहरीली गैस जमा होने के कारण ऑक्सीजन की भारी कमी हो गई थी, जिससे यह हादसा हुआ।
पुलिस ने चारों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रशासन ने पीड़ित परिवार को सांत्वना देते हुए सरकारी प्रावधानों के तहत उचित मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया है।
अनवरपुर गांव में इस समय सन्नाटा पसरा हुआ है। एक साथ चार अर्थियां उठने की खबर से ग्रामीण स्तब्ध हैं और हर आंख नम है। यह हादसा एक बार फिर बंद टैंकों और सीवरेज की सफाई के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी तथा सुरक्षा उपकरणों के अभाव की गंभीर समस्या की ओर इशारा करता है, जिसकी कीमत एक हंसते-खेलते परिवार को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी।
